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3.60 लाख करोड़ का मेगा डिफेंस डील! राफेल MRFA, P8I और AS-HAPS को मिली हरी झंडी

भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) यानी राफेल विमानों की खरीद को मंजूरी मिली है। यह प्रस्ताव वायु प्रभुत्व, लंबी दूरी के हमलों और निवारक क्षमता को बढ़ाएगा।

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rajnath singh

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

Indian Air Force: रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने भारतीय सशस्त्र बलों की युद्ध तैयारियों को मजबूत करने के लिए 3.60 लाख करोड़ रुपये मूल्य के कैपिटल अधिग्रहण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। यह फैसला रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में लिया गया। ये प्रस्ताव Acceptance of Necessity (AoN) के तहत पास हुए हैं, जो तीनों सेनाओं और भारतीय तटरक्षक बल की क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित हैं।

वायुसेना के लिए प्रमुख प्रस्ताव

भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) यानी राफेल विमानों की खरीद को मंजूरी मिली है। यह प्रस्ताव वायु प्रभुत्व, लंबी दूरी के हमलों और निवारक क्षमता को बढ़ाएगा। अधिकांश राफेल भारत में ही बनाए जाएंगे। साथ ही कॉम्बैट मिसाइलें और एयर-शिप बेस्ड हाई एल्टीट्यूड प्स्यूडो सैटेलाइट (AS-HAPS) को भी हरी झंडी मिली। AS-HAPS लगातार खुफिया निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस और दूरसंचार के लिए इस्तेमाल होगा।

थलसेना के लिए मजबूती

भारतीय सेना के लिए एंटी-टैंक माइंस (विभव) की खरीद को मंजूरी दी गई, जो दुश्मन की मशीनीकृत सेनाओं को रोकने में मदद करेगी। इसके अलावा आर्मर्ड रिकवरी व्हीकल्स (ARVs), T-72 टैंक्स और BMP-II इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स के वाहन प्लेटफॉर्म्स का ओवरहॉल होगा, जिससे उपकरणों की उम्र बढ़ेगी और युद्ध प्रभावशीलता बनी रहेगी।

नौसेना और तटरक्षक बल के प्रस्ताव

भारतीय नौसेना के लिए 04 MW मरीन गैस टरबाइन बेस्ड इलेक्ट्रिक पावर जेनरेटर (Make-I कैटेगरी में) और P8I लॉन्ग रेंज मैरिटाइम रिकॉनेसेंस एयरक्राफ्ट को AoN मिला। गैस टरबाइन से विदेशी निर्भरता कम होगी और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। P8I विमान लंबी दूरी की एंटी-सबमरीन वारफेयर, समुद्री निगरानी और हमले की क्षमता बढ़ाएगा। भारतीय तटरक्षक बल (ICG) के लिए डॉर्नियर एयरक्राफ्ट में इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल/इंफ्रा-रेड सिस्टम की खरीद मंजूर हुई, जो समुद्री निगरानी को और प्रभावी बनाएगी।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम

यह पैकेज 'मेक इन इंडिया' और आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ये फैसले सेनाओं की युद्ध क्षमता और आधुनिकीकरण को बढ़ावा देंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि राफेल MRFA और P8I जैसे प्रस्ताव क्षेत्रीय चुनौतियों (चीन-पाकिस्तान) के खिलाफ मजबूत रक्षा बनाएंगे। कुल मिलाकर यह भारत की रक्षा नीति में एक बड़ा कदम है, जो स्वदेशी उत्पादन और तकनीकी उन्नति पर जोर देता है।