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सरकारी जांच में सामने आया मनरेगा का काला सच: 25 राज्यों के 55 जिलों में 11 लाख से अधिक गड़बड़ियां उजागर

मनरेगा की सरकारी जांच में चौंकाने वाला खुलासा! 25 राज्यों के 55 जिलों में 11 लाख से ज्यादा वित्तीय गड़बड़ियां मिली हैं। पैसे हड़पने की साजिश और फर्जी भुगतान के खेल ने योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। देखें, आपके राज्य में भ्रष्टाचार की क्या है स्थिति।

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MGNREGA

मनरेगा (File Photo - IANS)

MGNREGA Scam Reality: केंद्र सरकार ने मनरेगा (वीबी-जी राम जी) की जमीनी हकीकत जानने के लिए देश के 25 राज्यों के 55 जिलों में जब औचक जांच कराई, तो गड़बड़ी की परतें खुलती चली गईं। जांच में 11,04,627 वित्तीय गड़बड़ियों का खुलासा हुआ। इस दौरान तीन अरब रुपए से अधिक की राशि हड़पने की कोशिश की गई। घोटाले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सरकार को तत्काल रिकवरी के निर्देश जारी करने पड़े।

हालांकि, अब तक 302.45 करोड़ रुपए में से 273 करोड़ रुपए की ही वसूली हो सकी है। जिन 55 जिलों में मनरेगा के नाम पर खेल सामने आया, उनमें राजस्थान का बाड़मेर, छत्तीसगढ़ का कवर्धा और मध्य प्रदेश के ग्वालियर व मुरैना भी शामिल हैं। यह खुलासा साफ संकेत देता है कि गरीबों के रोजगार और हक की रकम को साजिश के तहत लूटा जा रहा है।

पत्रिका को मिली एक रिपोर्ट के मुताबिक योजना का जमीनी सच जानने और आगे बुनियादी सुधार के लिए इन 55 जिलों में एक हजार से भी अधिक स्थानों पर टीमें भेजी गईं थीं। योजना में गड़बड़ियों को देखते हुए लोकपालों ने भी 17.14 करोड़ की वसूली की सिफारिश की थी, मगर 71.61 लाख की ही वसूली हो पाई। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान निगरानी दौरों में लगभग 32 करोड़ की अतिरिक्त वसूली की सिफारिश की गई, परंतु पालन नहीं हुआ। अब इस योजना में कमियों को दुरुस्त किया जा रहा है।

खास बात है कि जांच के दौरान पश्चिम बंगाल सहित कुछ राज्यों में गंभीर वित्तीय अनियमतिता मिली। मसलन, बंगाल में कई कार्य धरातल पर नहीं मिले, लेकिन भुगतान हो गया था। निगरानी से बचने के लिए कार्यों को टुकड़ों में बांटा गया, ताकि ऊपर स्तर से मंजूरी लेने की जरूरत न पड़े। पश्चिम बंगाल में यह हाल देख केंद्र को अस्थाई रूप से अनुदान राशि रोकनी पड़ी। जांच में यह भी सामने आया कि ग्राम सभा की प्राथमिकताओं के बजाय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कार्यों का चयन किया जाता है। इससे काम की गारंटी की व्यवस्था प्रभावित हुई है।

प्रमुख राज्यों का हाल

राज्यरिकवरी योग्य धनराशि (₹)
तमिलनाडु1,32,90,42,886
राजस्थान4,30,52,956
मध्य प्रदेश5,66,31,674
छत्तीसगढ़26,53,02,267
झारखंड15,85,86,765
कर्नाटक44,77,02,817
महाराष्ट्र1,04,08,261
पश्चिम बंगाल28,14,471

ये गड़बड़ियां मिलीं

  1. कार्य बगैर भुगतान।
  2. धन की हेराफेरी।
  3. फर्जी जॉब कार्ड।
  4. बढ़ा-चढ़ाकर एंट्री।
  5. थर्ड पार्टी से कार्य कराना।
  6. उचित मंजूरी प्रक्रिया का पालन न होना।

इन राज्यों में भी हुईं गड़बड़ियां

आंध्र प्रदेश, केरल, पंजाब, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, गुजरात, अरुणाचल प्रदेश।