7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ नारे लगाने वालों की हुई पहचान: दानिश अली, महबूब और पाकीजा खान… यहां देखें पूरी लिस्ट

JNU प्रशासन ने इस घटना का गंभीर संज्ञान लिया और मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर FIR दर्ज करने की मांग की।

2 min read
Google source verification
JNU Campus Protest

जेएनयू कैंपस विरोध प्रदर्शन

JNU Protest: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में एक बार फिर विवादित नारे लगने से बवाल मच गया। सोमवार देर रात साबरमती हॉस्टल के बाहर आयोजित कार्यक्रम में छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ ‘मोदी-शाह तेरी कब्र खुदेगी, JNU की धरती पर’ जैसे भड़काऊ नारे लगाए। यह प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज करने के बाद हुआ।

उमर खालिद-शरजील इमाम की रिहाई के समर्थन में प्रदर्शन

5 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत अर्जी खारिज कर दी। इसके ठीक बाद JNU में वामपंथी छात्र संगठनों – SFI, DSF और AISA – से जुड़े करीब 30-35 छात्रों ने ‘गुरिल्ला ढाबा’ के पास विरोध जताया। कार्यक्रम की शुरुआत 2020 की JNU हिंसा की छठी बरसी मनाने के लिए हुई थी, लेकिन कोर्ट के फैसले के बाद नारे बदल गए। वीडियो में ‘मोदी-शाह की कब्र खुदेगी JNU की धरती पर’, ‘अडानी-अंबानी राज की कब्र खुदेगी’ जैसे नारे सुनाई दे रहे हैं।

आरोपियों की पहचान, प्रशासन ने मांगी FIR

JNU प्रशासन ने इस घटना का गंभीर संज्ञान लिया और मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर FIR दर्ज करने की मांग की। पत्र में कहा गया कि ये नारे ‘अत्यधिक आपत्तिजनक, भड़काऊ और उत्तेजक’ हैं, जो सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के साथ-साथ विश्वविद्यालय की आचार संहिता का उल्लंघन हैं। इन नारों से कैंपस की शांति और सार्वजनिक व्यवस्था खतरे में पड़ सकती है।

शिकायत में प्रमुख रूप से पहचाने गए छात्रों की लिस्ट शामिल है:

— अदिति मिश्रा (JNUSU अध्यक्ष)
— गोपिका बाबू (JNUSU उपाध्यक्ष)
— सुनील यादव (JNUSU सचिव)
— दानिश अली (JNUSU संयुक्त सचिव)
— साद अज़मी
— महबूब इलाही
— कनिष्क
— पाकीजा खान
— शुभम

और कुछ अन्य छात्र। सुरक्षा कर्मी मौके पर मौजूद थे और उन्होंने पूरी घटना की निगरानी की।

JNU प्रशासन का सख्त रुख

विश्वविद्यालय ने बयान जारी कर कहा कि लोकतांत्रिक असहमति और घृणास्पद भाषण में स्पष्ट अंतर है। ऐसे नारे राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। प्रशासन ने छात्रों को चेतावनी दी कि शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

BJP का तीखा हमला, विपक्ष पर निशाना

भाजपा ने इसे ‘देशद्रोही’ करार दिया। पार्टी नेताओं ने इसे ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ और ‘अर्बन नक्सल्स’ की करतूत बताया। दिल्ली के मंत्री और भाजपा नेता इसे राष्ट्रविरोधी मानसिकता का प्रमाण बता रहे हैं। कुछ नेताओं ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे ऐसे तत्वों को संरक्षण देते हैं।
JNU लंबे समय से राजनीतिक विवादों का केंद्र रहा है। 2016 के देशद्रोह मामले के बाद यह नया विवाद कैंपस की राजनीति को फिर गरमा सकता है। पुलिस जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।