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Monkeypox in India: देश में मिला मंकीपॉक्स का पहला संदिग्ध, अस्पताल में आइसोलेट

Monkeypox in India : मंकीपॉक्स के उपचार के लिए अब तक कोई विशिष्ट दवा नहीं है। इसके कुछ टीकों पर अध्ययन चल रहा है। एंटीवायरल दवा टेकोविरिमैट का अध्ययन किया जा रहा है। यह दवा मूल रूप से चेचक के उपचार में काम आती है।

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देश में एमपॉक्स (मंकी पॉक्स) का संदिग्ध मामला सामने आया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि एमपॉक्स से प्रभावित देश से लौटे युवा को वायरस के संदिग्ध रोगी के रूप में पहचाना गया। उसे एक अस्पताल में आइसोलेशन में रखा गया है। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है। मरीज के सैंपलों की जांच की जा रही है। मंत्रालय के मुताबिक एमपॉक्स के अन्य संभावित स्रोतों की पहचान और प्रभाव का आकलन करने के लिए संपर्क ट्रेसिंग जारी है। इसे लेकर सावधानी बरती जा रही है और प्रोटोकॉल का ध्यान रखा जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) अफ्रीका के 12 देशों में एमपॉक्स के प्रकोप के बाद अगस्त में इसे ग्लोबल इमरजेंसी घोषित कर चुका है।

नए स्ट्रेन के कारण बढ़ रहा है संक्रमण

वैज्ञानिकों ने एमपॉक्स के बढ़ते मामलों के लिए इसके नए स्ट्रेन 'क्लेड आइबी’ को जिम्मेदार माना है। विशेषज्ञों ने कहा, गंभीर बात है कि वायरस म्यूटेट हो रहा है और नए स्ट्रेन पैदा कर रहा है। यह उन देशों में भी रिपोर्ट किया जा रहा है, जहां अब तक एमपॉक्स का खतरा नहीं था।

Monkeypox के ये हैं लक्षण

एमपॉक्स संक्रमण के दौरान बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, पीठ दर्द, थकान और चेचक जैसे चकत्ते होते हैं। यह दो से तीन सप्ताह तक रहते हैं।

ऐसे फैलता है Monkeypox…

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक एमपॉक्स वायरल संक्रमण है। यह संक्रमित वस्तुओं और संक्रमित व्यक्ति के शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थ या घाव के संपर्क में आने से फैलता है। संक्रमित व्यक्ति द्वारा उपयोग की गई वस्तुएं कपड़े, चादर, तौलिए आदि के इस्तेमाल से बचें। सामुदायिक तौर पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

क्या है Monkeypox के उपचार

मंकीपॉक्स के उपचार के लिए अब तक कोई विशिष्ट दवा नहीं है। इसके कुछ टीकों पर अध्ययन चल रहा है। एंटीवायरल दवा टेकोविरिमैट का अध्ययन किया जा रहा है। यह दवा मूल रूप से चेचक के उपचार में काम आती है। यूनाइटेड स्टेट्स फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों में गंभीर एमपॉक्स मामलों के लिए जेएनएनईओएस नाम के चेचक के टीके को मंजूरी दी है।