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TMC में शामिल हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्र कुमार बोस, भाजपा से दिया था इस्तीफा

West Bengal Assembly Election 2026: स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्र कुमार बोस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़ गए हैं।

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Chandra Kumar Bose

स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्र कुमार बोस तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। (Photo/ANI)

Chandra Kumar Bose joined TMC: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में मतदान से पहले ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के लिए अच्छी खबर आई है। दरअसल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्र कुमार बोस रविवार 12 अप्रैल को तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। चंद्र कुमार बोस ने वैचारिक मतभेदों का हवाला देते हुए सितंबर 2023 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) से इस्तीफा दे दिया था, जिससे पार्टी के साथ उनका नौ साल का जुड़ाव समाप्त हो गया था।

भाजपा में शामिल होना 'ऐतिहासिक गलती'

चंद्र कुमार बोस ने पिछले महीने कहा था कि भाजपा में शामिल होने का उनका फैसला ऐतिहासिक गलती थी। उन्होंने पार्टी पर चुनाव में जीत हासिल करने के लिए विभाजन और ध्रुवीकरण पैदा करने का आरोप लगाया था। 27 मार्च को एक पोस्ट में चंद्र कुमार बोस ने सभी समुदायों से देश को नष्ट करने पर तुली विभाजनकारी शक्तियों को हराने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया था।

SIR प्रक्रिया की आलोचना

चंद्र कुमार बोस ने SIR प्रक्रिया के धुर-विरोधी रहे हैं। उन्होंने हाल ही पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) की कड़ी आलोचना की थी। साथ ही समाजवादी और प्रगतिशील लोगों से अपने मतदान के अधिकार की रक्षा करने का आग्रह किया था।

उन्होंने कहा था, 'बंगाल के नागरिक समाज, ‘सामाजिक कार्यकर्ताओं और समान विचारधारा वाले प्रगतिशील लोगों को क्या हो गया है? बंगाल के 90 लाख लोगों ने अपना मतदान अधिकार खो दिया है! इनमें से कई वास्तविक मतदाता हैं - क्या आप विरोध नहीं करेंगे? उठो, जागो और अपने लक्ष्य की प्राप्ति तक मत रुको! बंगाल के क्रांतिकारी लोग इस अपमान को चुपचाप सहन नहीं करेंगे।'

उन्होंने 6 अप्रैल को अपने सोशल पोस्ट में कहा, 'पूरी पश्चिम बंगाल की SIR प्रक्रिया और उसके बाद की 'चुनाव' प्रक्रिया पूरी तरह से असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है। चुनाव आयोग मतदान के दिन तक चले प्रचार अभियान के दौरान शांति बनाए रखने में पूरी तरह से अक्षम रहा। 'आचार संहिता' के लागू रहने के दौरान अब कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी किसकी है?

दो चरणों में होगा पश्चिम बंगाल चुनाव

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में होगा। पहले चरण में 23 अप्रैल और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। वहीं चुनाव परिणा 4 अप्रैल को घोषित किया जाएगा। बता दें कि पश्चिम बंगाल में 15 वर्षों से तृणमूल कांग्रेस की सरकार है। इस चुनाव में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला है। ऐसे में दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।