
Jaish e Mohammed Terrorist: जम्मू कश्मीर में G-20 टूरिज्म वर्किंग ग्रुप की मीटिंग आज, सोमवार 22 मई को होगी। इस मेटिंग के मद्देनजर सुरक्षा के लिहाज से सरकार और खुफिया एजेंसियां काफी सतर्क हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG), मरीन कमांडो की कई टीमें पिछले कुछ दिनों से श्रीनगर में तैनात हैं। सुरक्षाबलों ने सुरक्षा कारणों से जी 22 डेज वर्किंग ग्रुप सम्मेलन के कार्यक्रम में अंतिम समय में बदलाव किए हैं। सुरक्षाबलों को आशंका थी कि आतंकी संगठनों ने गुलमर्ग में जी-20 के दौरान 26/11 जैसे हमले को दोहराने की साजिश रची है। इसी दौरान सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी मुस्तैदी से एक बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हुई है। रविवार को एनआईए ने जैश ए मोहम्मद के आतंकी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आतंकी का नाम मोहम्मद उबैद मलिक है। जो कुपवाड़ा का रहने वाला है। वह पाकिस्तान में बैठे जैश ए मोहम्मद में कमांडर से लगातार संपर्क में था और भारत में तबाही मचाने के लिए प्लान कर रहा था।
संदिग्ध दस्तावेज बरामद
NIA की जांच में सामने आया है कि आरोपी आतंकी पाकिस्तान में बैठे जैश कमांडर को गुप्त सूचना, विशेष रूप से सैनिकों और सुरक्षा बलों की आवाजाही के बारे में बता रहा था। यह आतंकी एक प्रकार से रेकी कर इन्फोर्मेशन जुटा कर बॉर्डर पार भेजता था। जहां से भारत में तबाही मचाने का प्लान तैयार किया जा रहा था।
NIA ने आरोपी के पास से जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने में उसकी संलिप्तता को लेकर कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। एनआईए को खुफिया जानकारी मिली थी कि ड्रोन के जरिए बम धमाका करने के लिए सामाग्री भेजी गई है। इसके बाद से ही खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर थीं। इस मामले में एनआईए को आज बड़ी कामयाबी हासिल हुई है।
यह भी पढ़ें: कांग्रेस की जीत से खुश नहीं हैं शिवकुमार, कार्यकर्ताओं से बोले- मेरे या सिद्दारमैया के घर मत आना
भारत को बदनाम करना था मकसद
भारत में G-20 सम्मिट होने वाला है। यह बात पड़ोसी देश पाकिस्तान को अच्छा नहीं लग रहा है। ऊपर से भारत अपने देश के उस हिस्से में इस समिट की मीटिंग कराने का प्लान कर रहा था, जिस पर पाकिस्तान अपना दावा करता है। यानी भारत पाकिस्तान के छाती पर मूंग दररने ने का काम कर रहा था। इसीलिए इस मीटिंग से पहले कई तरह की साजिशें रची जा रही थी।
जिसे भारत के सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे और भारत की बदनामी हो। लेकिन भारत की खुफिया एजेंसी अलर्ट मोड पर थी और समय रहते उन्होंने इस आतंकी को गुलमर्ग से पकड़ लिया जो मीटिंग के दौरान 26/11 जैसी घटना दोहराने का प्लान बना रहा था।
यह भी पढ़ें: 2000 के नोट PM मोदी को नहीं थे पसंद, पूर्व प्रधान सचिव ने बताई इसके पीछे की वजह
Updated on:
22 May 2023, 6:51 AM IST
Published on:
21 May 2023, 5:19 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.