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राहुल गांधी के खिलाफ BJP का ‘ब्रह्मास्त्र’! निशिकांत दुबे ने कर दी ऐसी मांग, जा सकती है सांसदी?

निशिकांत दुबे ने लोकसभा में कहा कि राहुल गांधी 'देश को अस्थिर करने वाली निरंतर गलत हरकतों' में शामिल हैं। उन्होंने गांधी को 'ठग गैंग का प्रमुख घटक' करार दिया, जो देश को अंदर से कमजोर करने में लगा है।

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी

लोकसभा में बजट सत्र के दौरान राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ 'सबस्टैंटिव मोशन' की नोटिस दी है, जिसमें गांधी की सांसद सदस्यता रद्द करने की मांग की गई है। बीजेपी सांसद ने गांधी पर देश को गुमराह करने और अस्थिर करने का आरोप लगाया। यह मोशन यदि पास होता है, तो गांधी को लोकसभा से निष्कासित किया जा सकता है।

निशिकांत दुबे के आरोप और मांग

निशिकांत दुबे ने लोकसभा में कहा कि राहुल गांधी 'देश को अस्थिर करने वाली निरंतर गलत हरकतों' में शामिल हैं। उन्होंने गांधी को 'ठग गैंग का प्रमुख घटक' करार दिया, जो देश को अंदर से कमजोर करने में लगा है। बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी को 'सॉरोस फाउंडेशन का सक्रिय चैनल' बताया, जो विभिन्न देशों को अस्थिर करने में कथित रूप से शामिल है। दुबे ने मांग की कि गांधी की इन हरकतों की जांच के लिए संसदीय पैनल गठित किया जाए और उनकी सदस्यता रद्द की जाए।
उन्होंने गांधी के भाषण में सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अनप्रकाशित किताब का हवाला देने पर आपत्ति जताई, जिसमें गांधी ने पीएम मोदी पर 2020 के चीन सीमा तनाव में जिम्मेदारी से मुंह मोड़ने का आरोप लगाया था। दुबे ने इसे सेना, रक्षा मंत्रालय और पीएम को बदनाम करने का प्रयास बताया।

सबस्टैंटिव मोशन का अर्थ और प्रभाव

संसद में 'सबस्टैंटिव मोशन' एक स्वतंत्र प्रस्ताव होता है, जो सदन की राय या निर्णय को महत्वपूर्ण मामलों पर व्यक्त करता है। यह बहस और अनिवार्य वोट के साथ आता है। संविधान के अनुच्छेद 105 और संसदीय नियमों के तहत लोकसभा सदस्यों को गंभीर कदाचार या सदन की गरिमा को नुकसान पहुंचाने वाले कार्यों के लिए निष्कासित कर सकती है। यह विशेषाधिकार उल्लंघन नोटिस से अलग है और अधिक कार्रवाई योग्य होता है।

महुआ मोइत्रा भी हो चुकीं निष्कासित

उदाहरण के तौर पर, 2005 के कैश-फॉर-क्वेश्चन घोटाले में 10 सदस्यों को इसी मोशन से निष्कासित किया गया था। हाल ही में 2023 में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को इसी प्रक्रिया से बाहर किया गया, हालांकि उन्होंने 2024 के चुनाव में वापसी की। यदि यह मोशन पास होता है, तो राहुल गांधी पर आजीवन चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लग सकता है।

राहुल गांधी ने किए ये दावे

राहुल गांधी ने बजट सत्र में जनरल नरवणे की अनप्रकाशित किताब का हवाला देते हुए दावा किया कि किताब पीएम मोदी पर चीन सीमा तनाव में जिम्मेदारी से मुंह मोड़ने का खुलासा करती है। किताब का मसौदा 2023 से रक्षा मंत्रालय के पास लंबित है, लेकिन नरवणे ने दावों पर आपत्ति नहीं जताई। दुबे ने इसे बेबुनियाद बताया। गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी बिना आधार के दावे किए, जिस पर दुबे ने आपत्ति जताई।

बीजेपी और कांग्रेस का पलटवार

बीजेपी ने पहले राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार मोशन पर विचार किया था, जैसा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा। बीजेपी मुख्य व्हिप संजय जयस्वाल ने राहुल के भाषण से चार लाइनों को रूल 380 के तहत मिटाने की नोटिस दी। कांग्रेस सांसद ने मीडिया पर बीजेपी के निर्देशों का पालन करने का आरोप लगाते हुए कहा, 'क्या यह आज का कोड वर्ड है? कल 'प्रमाणित' था, आज 'विशेषाधिकार मोशन'। आप बीजेपी के लिए काम नहीं करते, थोड़ा निष्पक्ष बनें।

राहुल गांधी की पहले भी जा चुकी सांसदी

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, हम मोशनों से नहीं डरते, हमें लटकाओ तो भी तैयार हैं। उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन की मांग का जिक्र किया। प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, राहुल के खिलाफ एफआईआर, केस होंगे, लेकिन उन्हें प्रभावित नहीं करेगा। आपको बता दें कि साल 2023 में राहुल गांधी की सदस्यता मोदी उपनाम 'कलंकित' करने के लिए सूरत अदालत के फैसले से खोई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने स्टे दिया।