
Sting Operation: केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि मीडिया द्वारा यदि स्टिंग ऑपरेशन सच्चाई का पता लगाने और उसे जनता तक पहुंचाने के लिए सद्भावनापूर्वक किया गया था, तो उसे अभियोजन से छूट दी जा सकती है। कोर्ट ने सोलर घोटाले में स्टिंग ऑपरेशन करने वाले दो पत्रकारों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई रद्द करते हुए यह टिप्पणी की।
जस्टिस पीवी कुन्हिकृष्णन ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए चौथा स्तंभ मीडिया आवश्यक है, जो यह सुनिश्चित करता है कि सत्ता का दुरुपयोग न हो और नागरिकों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी हो। इसके लिए मीडिया की स्टिंग ऑपरेशन जैसी कुछ ऐसी गतिविधियां हो सकती हैं, जिनकी सामान्यतः कानूनी अनुमति नहीं है।
कोर्ट ने कहा कि सद्भावनापूर्ण किया गया कार्य उचित है लेकिन यदि प्रेस द्वारा स्टिंग ऑपरेशन किसी दुर्भावनापूर्ण इरादे से या किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाकर उसे अपमानित करने के लिए किया जाता है, तो ऐसे स्टिंग ऑपरेशन और उस पर आधारित रिपोर्टिंग के लिए मीडियाकर्मी को कोई कानूनी समर्थन नहीं मिलेगा।
Updated on:
17 Jul 2024 10:36 am
Published on:
17 Jul 2024 10:35 am
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