
फाइल फोट- ANI
NSCN-IM Split: इसाक-मुइवा के नेतृत्व वाले नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम (NSCN-IM) बड़ी फूट सामने आई है। दरअसल, संगठन के कुछ नेताओं ने अलग होकर एक अंतरिम सरकार बनाने की घोषणा की है। इस संबंध में नए गुट का कहना है कि केंद्र सरकार के साथ हुए संघर्षविराम समझौते की भावना अब खत्म हो चुकी है।
इस संबंध में नए ईस्टर्न फ्लैंक गुट ने बताया कि 21 जुलाई को म्यांमार के सागाइंग क्षेत्र में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। गुट का कहना है कि वह नागा आंदोलन को बचाने और उसे नई दिशा देने के लिए यह कदम उठा रहा है।
गुट ने नौ सदस्यीय अंतरिम सरकार की घोषणा की है। इसमें इकातो चिशी स्वू को अध्यक्ष और एचएस रामसान को उपाध्यक्ष बनाया गया है। इकातो चिशी स्वू, NSCN(IM) के सह-संस्थापक रहे दिवंगत इसाक चिशी स्वू के बेटे हैं।
यह फैसला मौजूदा NSCN-IM नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। संगठन का नेतृत्व फिलहाल 90 वर्ष से अधिक उम्र के थुइंगलेंग मुइवा के हाथ में है। इकातो चिशी स्वू अप्रैल 2025 में इस नए गुट से जुड़े थे। उस समय उन्होंने कहा था कि उन्हें संगठन के मौजूदा नेतृत्व पर भरोसा नहीं रहा।
अलग हुए नेताओं NSCN-IM ने उनके खिलाफ जारी निष्कासन आदेशों को भी रद्द कर दिया है। उनका आरोप है कि संगठन का वर्तमान नेतृत्व भारत सरकार के दबाव में आकर नागा आंदोलन के मूल उद्देश्य से समझौता कर चुका है।
नए ईस्टर्न फ्लैंक गुट ने यह भी कहा कि NSCN-IM नेतृत्व ने केंद्र सरकार के साथ बातचीत के दौरान नागा मुद्दे को भारत के संविधान और संघीय ढांचे के भीतर स्वीकार कर लिया। नए गुट के मुताबिक, यह नागा लोगों के हितों के खिलाफ है। नए गुट का कहना है कि वह नागा लोगों के अधिकारों और अपनी मांगों के लिए राजनीतिक और सशस्त्र दोनों तरह का संघर्ष जारी रखेगा।
गौरतलब है कि 1997 में केंद्र सरकार और NSCN-IM के बीच संघर्षविराम समझौता हुआ था, जिसके बाद नागा मुद्दे के राजनीतिक समाधान के लिए बातचीत शुरू हुई थी। हालांकि मौजूदा विभाजन भारत सरकार और नागा गुटों के बीच लंबे समय से चल रही शांति वार्ता को प्रभावित कर सकता है।
Updated on:
25 Jul 2026 12:27 pm
Published on:
25 Jul 2026 12:27 pm
