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47 अधिकारियों की बर्खास्तगी, CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका, बोले- ‘आखिर जवाबदेही तो शिक्षा मंत्री की ही है’

CJP Ashutosh Ranka's statement: NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त, फिर भी CJP की मांग जारी। प्रवक्ता आशुतोष रांका बोले, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जरूरी। सोनम वांगचुक का भी बड़ा बयान...
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भारत

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Pushpankar Piyush

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Updated: 25 Jul 2026, 8:44 AM IST

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CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका | फोटो सोर्स-ANI

Dismissal of NTA officials: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने NTA के 47 अधिकारियों की बर्खास्तगी पर प्रतिक्रिया दी है। रांका ने कहा कि हमें बहुत सारी डिटेल्स देखनी होंगी, लेकिन हम फिर से वही बात कर रहे हैं। आखिरी जवाबदेही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की है, क्योंकि वे सभी पेपर लीक और NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। उन्हें इस्तीफा देना होगा। हम लगातार दूसरे बड़े सुधारों पर चर्चा कर रहे हैं।

बिना प्रधान के इस्तीफे का कोई मतलब नहीं

केंद्रीय मंत्री के साथ बैठक को लेकर CJP प्रवक्ता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शुक्रवार की बैठक में कम्पेनसेशन और लीगल मामलों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। एक इन-प्रिंसिपल एग्रीमेंट हुआ था। हमें उम्मीद है कि आज वह रिटर्न एग्रीमेंट भी मिल जाएगा, लेकिन जो मुख्य मांग है- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं आया है। अगर शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं, तो हमें बता दें, फिर इस तरह की मीटिंग का कोई मतलब नहीं है। हम अपनी आगे की रणनीति पर काम करेंगे।

वहीं, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने आज सुबह 7.30 बजे से अगले निर्देश तक 18 मेट्रो स्टेशन बंद करने की घोषणा की है। DMRC द्वारा बताया गया है कि राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

मुझे किसी से कैरेक्टर सर्टिफिकेट नहीं चाहिए: सोनम वांगचुक

उधर, अपनी भूख हड़ताल तोड़ने पर एक बयान जारी करते हुए एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कहा कि छात्रों के लिए 26 दिन तक भूखा रहने के बाद, 11 किलो वज़न कम हो गया, मसल्स चले गए और मेरे ऑर्गन्स और ब्रेन ऐसे डैमेज हो गए हैं जिन्हें ठीक नहीं किया जा सकता, और यह सब लद्दाख की कड़ाके की ठंड से आने के बाद दिल्ली की चिलचिलाती धूप में ये सब करने के बाद, क्या मुझे किसी से कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होगा कि मेरा अनशन कितना पवित्र था।

उन्होंने कहा कि मैंने किसके हाथों अनशन तोड़ा, क्या डील हुई? मैं किसी को दोष नहीं दूंगा क्योंकि आप में से ज़्यादातर लोगों को यह नहीं पता कि मैं किन हालात से गुज़रा हूं, मेरा परिवार पिछले एक-दो हफ़्ते में किन हालात से गुज़रा है। इसलिए किसी की भी बात सुनने से पहले, उनका बैकग्राउंड ज़रूर देखें। क्या उन्हें कोई नाराज़गी है? क्या वे किसी ऐसी पॉलिटिकल पार्टी से हैं जिसे दूसरी पॉलिटिकल पार्टी से नाराजगी है, या वे कोई न्यूट्रल इंसान हैं? अगर वे न्यूट्रल हैं, तो उनकी बात जरूर सुनें। मैं उनके जवाब देने की कोशिश करूंगा।