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तृणमूल कांग्रेस के पार्टी ऑफिस से 100 से ज्यादा आधार कार्ड मिले, अवैध जमीन खरीद-बिक्री से जुड़े होने का दावा, जानें डिटेल्स

Aadhaar Cards Found in TMC Office: पश्चिम बंगाल के सॉल्ट लेक में टीएमसी दफ्तर और पार्क के बाहर मिले आधार कार्डों से नया सियासी विवाद शुरू हो गया है। पुलिस ने कार्ड जब्त कर जांच शुरू कर दी है। अब बीजेपी और टीएमसी आमने-सामने हैं। अलग-अलग राज्यों के आधार कार्ड मिले हैं।

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टीएमसी के ऑफिस से मिले 100 से ज्यादा आधार कार्ड(फोटो-ANI)

100 Aadhaar Cards Found in TMC Office: पश्चिम बंगाल की राजनीति में विधानसभा चुनाव 2026 के बाद माहौल पूरी तरह बदल चुका है। राज्य में पहली बार बीजेपी सत्ता में आई है। अब आधार कार्ड मिलने का नया मामला सामने आया है। कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके में स्थित टीएमसी पार्टी ऑफिस और आसपास के इलाके से मिले आधार कार्ड को लेकर नया बवाल शुरू हो गया है। दरअसल, बिधाननगर के सॉल्ट लेक में मौजूद टीएमसी कार्यालय में चुनाव से पहले बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ताला लगा दिया था। आरोप था कि वहां संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं। अब जब ताला खोला गया तो अंदर से कई आधार कार्ड बरामद हुए। पुलिस मौके पर पहुंची और सभी कार्ड जब्त कर लिए। इसके बाद इलाके में चर्चा और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए।

लोगों ने दिया थे ऑफिस का पता


स्थानीय लोगों का कहना है कि बरामद आधार कार्ड उनका है। उनका दावा है कि उन्होंने आधार कार्ड से जुड़े काम के लिए पार्टी ऑफिस के पते को इस्तेमाल किया था। कई लोगों ने कहा कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान डाक्यूमेंट्स वहीं जमा किए गए थे, इसलिए कार्ड वहां मौजूद थे।

अलग-अलग राज्यों के आधार मिले


इसी बीच सॉल्ट लेक के BA-CA खेल मैदान के पास भी कुछ आधार कार्ड लावारिस हालत में पड़े मिले थे। सुबह टहलने निकले लोगों ने सबसे पहले इन्हें देखा और पुलिस को सूचना दी। चौंकाने वाली बात यह रही कि इन कार्ड्स पर उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के पते दर्ज थे। इसके बाद पुलिस ने सभी कार्ड कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अलग-अलग राज्यों के आधार कार्ड का इस तरह बंगाल में मिलना सामान्य बात नहीं है। फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये कार्ड यहां कैसे पहुंचे और क्या इनके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था या नहीं।

राजनीतिक बदले की कार्रवाई- टीएमसी


यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ यानी SIR की प्रक्रिया चल रही है। विपक्ष इसे मतदाता लिस्ट और पहचान पत्रों से जोड़कर सवाल उठा रहा है, जबकि टीएमसी इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है। इस बार के विधानसभा चुनाव 2026 में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 294 में से 207 सीटों पर कब्जा जमा लिया है।

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