8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विदेशी जेलों में बंद है 8000 से भी ज्यादा भारतीय, वापस लाए जाने की चल रही बात

विदेश राज्य मंत्री ने जानकारी दी है कि इस समय 8441 भारतीय विदेशी जेलों में बंद हैं। इनमें से आधे से ज्यादा लोग संयुक्त अरब अमीरात की जेलों में बंद हैं। संयुक्त अरब अमीरात में बंद भारतीय नागरिकों को शेष सजा बिताने के लिए भारत भेजा जा सकता है।

2 min read
Google source verification
Over 8,000 Indians imprisoned in foreign jails, half in Gulf countries: Ministry External Affairs

Over 8,000 Indians imprisoned in foreign jails, half in Gulf countries: Ministry External Affairs

भारत के 8000 से अधिक नागरिक विदेश की जेलों में बंद हैं। इस बात की जानकारी केंद्र सरकार ने शुक्रवार को दी। केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने बताया कि वर्तमान में 8441 से अधिक भारतीय विदेशी जेलों में कैद हैं और इनमें से 4389 भारतीय यूएई, सउदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन, ओमान की जेलों में बंद हैं। इसके साथ ही मुरलीधरन ने संसद में जानकारी देते हुए कहा कि भारत और संयुक्‍त अरब अमीरात (यूएई) ने सजायाफ्ता कैदियों की अदला-बदली के बारे में समझौते पर हस्‍ताक्षर किए हैं।

यूएई में कैद भारतीय नागरिकों को भेजा जा सकता है भारत
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, "इस समझौते के तहत संयुक्‍त अरब अमीरात में कैद भारतीय नागरिकों को शेष सजा बिताने के लिए भारत भेजा जा सकता है। वहीं भारत में बंद यूएई के नागरिकों को यूएई स्थानांतरित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस समझौते के तहत एक सजायाफ्ता व्यक्ति का उसके अपने देश में स्थानांतरण विभिन्न औपचारिकताओं के पूरा होने पर निर्भर करता है।"

भारत और यूएई के बीच कैदियों की अदला-बदली पर हुआ समझौता
औपचारिकताओं कि जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, "इसमें कैदी की स्थानांतरित होने की इच्छा, स्थानांतरित करने और प्राप्त करने वाले देश की सहमति, अनुरोध को संसाधित करने के लिए आवश्यक पूर्ण दस्तावेज की उपलब्धता, उपयुक्त एजेंसियों से मंजूरी आदि आती है।" इससे पहले 2011 में भी भारत और यूएई के बीच इस तरह का समझौता हुआ था। दोनों देशों ने सजायाफ्ता व्यक्तियों के सथानांतरण के समझौते पर 23 नवंबर 2011 को हस्ताक्षर किए गए थे।

8 भारतीय नौसेना अधिकारी दोहा में हुए थे गिरफ्तार
वहीं, इस बार के समझौते के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सजायाफ्ता व्यक्तियों के हस्तातंरण की प्रक्रिया के लिए आवश्यक दस्तावेजों के अनुरोध को यूएई की ओर भेज दिया गया है। बता दें, 8 भारतीय नौसेना के अधिकारियों को दोहा में हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद विदेशी जेलों में बंद भारतीय नागरिकों का मुद्दा सामने आया था।

केस पर नजर बनाए हुए है भारत
1 दिसंबर को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था कि भारत लगातार इस केस पर नजर बनाए है। भारतीय दूतावास इस केस को लगातार फॉलो कर रहा है। हिरासत में लिए गए भारतीय अपने परिवार के संपर्क में हैं। हम हर संभव मदद मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: अमेरिका ने बास्केटबॉल स्टॉर के लिए मौत के सौदागर को किया रिहा