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लोकसभा और राज्य सभा की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्ष ने किया हंगामा, 12 बजे तक स्थगित

parliament monsoon session: लोकसभा में विपक्ष के सांसद हंगामा करते हुए वेल में चले गए। इसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी।
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भारत

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Ashib Khan

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Updated: 20 Jul 2026, 11:43 AM IST

Lok Sabha

लोकसभा (Photo - ANI)

Parliament Monsoon Session 2026: सोमवार से संसद का मानसून सत्र शुरू हो गया है। लोकसभा और राज्य सभा में कार्यवाही शुरू होने पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। इसके बाद दोनों सदनों को 12 बजे तक स्थगित कर दिया। दरअसल, लोकसभा में विपक्ष के सांसद हंगामा करते हुए वेल में चले गए। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने जमकर नारेबाजी की। विपक्षी सांसदों ने NEET-UG 2026 विवाद और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित दान गबन के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए नारेबाजी की।

लोकसभा में सदन की  कार्यवाही की शुरुआत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पूर्व सांसद नदेंदला भास्कर राव, ओमवती देवी, सुधांग्शु सील, मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेवानिवृत्त), के.पी. धनपालन, प्यारे लाल सांखवार तथा कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर शोक प्रस्ताव पढ़कर की।

शोक प्रस्ताव के बाद विपक्षी सांसद अपनी सीटों से खड़े होकर नारेबाजी करने लगे और NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं तथा राम मंदिर ट्रस्ट में दान के कथित गबन पर चर्चा की मांग करने लगे। हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कई बार सदस्यों से शांत रहने और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कृपया अपनी-अपनी सीटों पर बैठिए और सदन चलाने में सहयोग कीजिए। लेकिन विपक्ष का विरोध जारी रहा, जिसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।

बता दें कि सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया था कि वे NEET-UG 2026 विवाद और राम मंदिर दान गबन के कथित मामले पर संसद में चर्चा की मांग करेंगे।

वहीं लोकसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि हमारी विरासत हमें दिशा और दर्शन प्रदान करती है। हमारी पांडुलिपियां (हस्तलिखित ग्रंथ) हमारी अमूल्य धरोहर हैं। ये वर्तमान में मंदिरों, विभिन्न संस्थानों, महाविद्यालयों, मठों, जैन भंडारों और निजी संग्रहालयों में सुरक्षित हैं।

उन्होंने कहा कि इन पांडुलिपियों के संरक्षण, डिजिटलीकरण, उन पर शोध को बढ़ावा देने तथा उन्हें आम जनता के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 'ज्ञान भारत मिशन' की शुरुआत की। इस मिशन के अंतर्गत देशभर में एक करोड़ से अधिक पांडुलिपियों का सर्वेक्षण किया गया है।