
जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला (Photo-IANS)
Iltija Mufti on Urdu language: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने बुधवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर जम्मू-कश्मीर के साझा इतिहास से उर्दू भाषा को हटाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, 'इसमें कोई शक नहीं है कि हमारी सरकार, जिसका नेतृत्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला कर रहे हैं, धीरे-धीरे उर्दू को सिस्टम से हटाने की कोशिश कर रही है। उर्दू जम्मू-कश्मीर में समाज और समुदाय के हर वर्ग की भाषा है।'
उन्होंने कहा कि मैं (मुख्यमंत्री) उमर अब्दुल्ला से पूछना चाहती हूं कि 9 जुलाई 2015 को, जब वे राजस्व मंत्री थे, ऐसा आदेश क्यों जारी किया गया, जिसमें कहा गया था कि डिजिटलीकरण केवल अंग्रेजी में ही किया जाएगा। उर्दू को हटा दिया गया, और हम सभी जानते हैं कि इसके बाद हमें तहसीलदारों और पटवारियों से कई शिकायतें मिलीं, बढ़ती गड़बड़ियों को लेकर। यहां हरियाणा मॉडल लागू किया गया और इस तथ्य के बावजूद कि हमारे सभी दस्तावेज उर्दू में हैं, राजस्व विभाग पर अंग्रेजी थोप दी गई।
अप्रैल 2026 में, उमर अब्दुल्ला की सरकार के तहत, चूंकि राजस्व विभाग उनके अधीन आता है, एक और आदेश जारी किया गया। मैं उसकी प्रति साझा करूंगी। 14 अप्रैल 2026 की एक अधिसूचना जारी की गई, जिसके तहत एसआरओ-74 राजस्व भर्ती सेवा नियमों में संशोधन किया गया। क्या बदलाव किए गए? अगर आप जम्मू-कश्मीर के निवासी हैं और पटवारी या तहसीलदार के पद के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो अब आपको केवल स्नातक होना जरूरी है।
राजस्व विभाग में भर्ती के लिए उर्दू की अनिवार्यता का जिक्र करते हुए इल्तिजा मुफ्ती ने यह भी कहा कि जो पहले अनिवार्यता हुआ करती थी, उसे अब खत्म कर दिया गया है।
इल्तिजा मुफ्ती ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से उनकी कोई निजी लड़ाई नहीं है, लेकिन महाराजा के समय में भी जो काम नहीं हुआ, यहां तक कि बीजेपी जब चाहती थी तब भी नहीं हुआ, तो अब ऐसा क्यों किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आपको उर्दू से क्या दिक्कत है? हमारे साझा इतिहास से उर्दू को क्यों हटाया जा रहा है?
PDP नेता यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने जोर दिया कि सदियों से उर्दू जम्मू-कश्मीर की आम भाषा रही है। 'क्या लोगों ने उन्हें इतना बड़ा जनादेश इसलिए दिया है कि वे हमारी भाषा को मिटा दें, जो हमारी संस्कृति और पहचान का एक बहुत बड़ा हिस्सा है? क्या आप यह सब BJP के इशारे पर कर रहे हैं?'
उन्होंने कहा, यह जम्मू-कश्मीर के युवाओं पर भी एक हमला है। बता दें कि मंगलवार को मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर सरकार के खिलाफ अपनी पार्टी के एक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। यह विरोध राजस्व रिकॉर्ड में उर्दू को एक अनिवार्य भाषा के तौर पर हटाने के खिलाफ था।
Updated on:
29 Apr 2026 04:54 pm
Published on:
29 Apr 2026 04:54 pm
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