5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Petrol Price: भारत में पेट्रोल पाकिस्तान, बांग्लादेश से भी महंगा, ईरान में है 40 गुना सस्ता

भारत में पेट्रोल का दाम 101 रुपए है। यह पड़ोसी देशों की तुलना में काफी अधिक है। भारत में ईरान से 50 गुना अधिक रेट पर पेट्रोल बिक रहा है।

2 min read
Google source verification
Petrol Price (File Photo)

Petrol Price (File Photo)

कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत वैश्विक बाजार में 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास में बनी हुई है। भारत (India) में पेट्रोल की कीमत (Petrol Price) 101 रुपए है। यह पड़ोसी देश को तुलना में बहुत ज्यादा है। भारत में ईरान (Iran) से 40 गुना अधिक रेट पर पेट्रोल बिक रहा है। भारत में पेट्रोल की कीमत पाकिस्तान (Pakistan), भूटान (Bhutan), बांग्लादेश (Bangladesh) से ज्यादा है।

ईरान में 2.5 रुपए प्रति लीटर है प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत

रिपोर्ट के अनुसार भारत में ऑक्टेन 95 पेट्रोल की औसत कीमत 101 रुपए प्रति लीटर है।अमेरिका (America) में 79.4 रुपए प्रति लीटर और पाकिस्तान में 80.4 रुपए प्रतिलीटर है। चीन (China) में एक लीटर पेट्रोल की कीम 94.5 रुपए और बांग्लादेश में पेट्रोल की कीमत 85 रुपए है। सोशल मीडिया पर भारत की तुलना में अन्‍य देशों में पेट्रोल के दामों से जुड़े ये आंकड़े खूब शेयर हो रहे हैं।

TOI के इनफोग्राफिक्स के अनुसार, भूटान में पेट्रोल की कीमत 58.8 रुपए प्रतिलीटर है, जबकि लीबिया और ईरान में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 2.5 रुपए प्रति लीटर से भी कम है।

पेट्रोल की कीमत को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

भारत में महंगे पेट्रोल को लेकर एक बार फिर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा कि अमेरिका अपनी तेल खपत का कितना हिस्सा आयात करता है? अमेरिका कितना तेल उत्पादन करता है? भारत कितना उत्पादन करता है? यही आपका जवाब है। दूसरे ने कहा कि अमेरिका को भूल जाओ। भूटान, जो हमसे पेट्रोल लेता है, 58 रुपए प्रति लीटर में बेचता है। आखिर क्यों?

क्या कारण है महंगे पेट्रोल का

भारत में पेट्रोल की कीमतें अधिक होने का कारण टैक्स है। सरकार पेट्रोल पर बहुत ज्यादा टैक्स लगाती है। इसमें इसमें सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, स्टेट वैट और डीलर कमीशन शामिल हैं। भारत में पेट्रोल पर औसतन 36 रुपए टैक्स लगते हैं। केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी के रूप में 19.90 रुपए और राज्य सरकार VAT के रूप में लगभग 15.39 रुपए लेती है। डीलर का औसतन कमीशन 3.77 रुपए है। इससे पेट्रोल के दाम बढ़ जाते हैं।

वहीं, भारत में डायनामिक फ्यूल प्राइसिंग लागू है। इसके तहत पेट्रोल की कीमत रोजाना बदलती है। सरकार का नियंत्रण इस पर कम होता है। इसका मकसद ये है कि अगर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें गिरे तो उसका सीधा फायदा आम जनता को मिले, लेकिन सरकार बेस प्राइस पर टैक्स लगाती है। इससे कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलता है। करेंसी एक्सचेंज भी कीमतों को प्रभावित करता है। अगर रुपये के मुकाबले डॉलर महंगा होता है तो कच्चा तेल आयात करना महंगा हो जाता है।

अमेरिका अपनी जरूरत का 40 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है, बाकि 60 फीसदी तेल वह अपने देश में ही उत्पादन करता है। ईरान और लीबिया में भी बड़े पैमाने पर तेल उत्पादित किए जाते हैं। इसलिए वहां तेल की कीमतें कम हैं।

शनिवार को कच्चे तेल की कीमत 66.29 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया

शनिवार को ओपेक देश ने कच्चे तेल के उत्पादन बढ़ाने पर सहमति जताई। इस वजह से कच्चे तेल का दाम 66.29 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। शनिवार को ओपेक+ ने प्रतिदिन 5,48,000 बैरल उत्पादन बढ़ाने पर सहमति जताई।