
CM हिमंत सरमा ने पत्नी पर लगे आरोपों को खारिज किया (Photo-IANS)
Riniki Bhuyan Passport Row: असम की 126 विधानसभा सीटों पर एक चरण में 9 अप्रैल को वोटिंग होगी और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। इससे पहले सीएम हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी रिंकी सरमा को लेकर नागरिकता और पासपोर्ट से जुड़ा विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि सीएम की पत्नी के पास एक से ज्यादा विदेशी पासपोर्ट हैं।
बता दें कि रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि रिंकी सरमा के पास संयुक्त अरब अमीरात, एंटीगुआ और बारबुडा और मिस्र के पासपोर्ट हैं, जिनके पास 2027 से 2031 तक बताई जा रही है।
हालांकि इसके बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। साथ ही उन्होंने इसे कांग्रेस का प्रोपेगेंडा भी बताया। उन्होंने कहा कि दस्तावेज फर्जी हैं और वे इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को प्रेस कॉन्फ्रेंस का मटिरियल पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप ने दिया था।
पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत अगर कोई व्यक्ति गलत तरीके से पासपोर्ट रखता है, तो उसका पासपोर्ट जब्त (इंपाउंड) किया जा सकता है। गलत जानकारी देकर पासपोर्ट बनवाना भी अपराध है। वहीं एक से ज्यादा पासपोर्ट धोखाधड़ी से रखने पर सजा हो सकती है। धारा- 12 के तहत जुर्माना और सजा दोनों दी जा सकती हैं।
Citizenship Act, 1955 की धारा 9 के अनुसार, अगर कोई भारतीय नागरिक अपनी मर्जी से किसी दूसरे देश की नागरिकता लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता स्वतः खत्म हो जाती है। संविधान भी एक साथ दो देशों की नागरिकता रखने की इजाजत नहीं देता है।
नागरिकता नियम, 1956 के नियम 30 के अनुसार किसी विदेशी पासपोर्ट का होना इस बात का प्रमाण माना जाता है कि व्यक्ति ने उस देश की नागरिकता ले ली है। दीपाली कटिया चड्ढा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया (1995) में सुप्रीम कोर्ट ने भी यही कहा था कि विदेशी पासपोर्ट लेने के बाद व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं माना जाएगा। एक साथ भारतीय और विदेशी पासपोर्ट रखना भी गैरकानूनी है।
Published on:
06 Apr 2026 02:44 pm
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