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PM Jan Dhan Yojana: 56.04 करोड़ जनधन खातों में कितने रुपए हुए जमा, मंत्री ने संसद में दी जानकारी

PM Jan Dhan Yojana: प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खोले गए 56.04 करोड़ खातों में से 13.05 करोड़ खाते निष्क्रिय हैं।

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भारत

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Ashib Khan

Aug 19, 2025

56.04 करोड़ जनधन खातों में करीब 2.63 लाख करोड़ रुपये जमा (PHoto-IANS)

PM Jan Dhan Yojana: वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को संसद में प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खातों में जमा राशि की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि PMJDY के तहत 56.04 करोड़ खाते खोले गए, जिनमें से 4.82 करोड़ खाते शून्य शेष खाते हैं। मंत्री ने बताया कि खातों में 2.63 लाख करोड़ की राशि जमा की गई। मंत्री ने बताया कि पीएम जन धन योजना के तहत 2 जुलाई 2025 से अब तक खोले गए खातों की संख्या 0.27 करोड़ है।

मंत्री ने दी जानकारी

संसद में मंत्री चौधरी ने बताया कि  30 जुलाई 2025 तक पीएम जन धन योजना के खाताधारकों में से 7.24 करोड़ और 17.58 करोड़ ने पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई में नामांकन कराया है, जिससे वित्तीय सुरक्षा और समावेशन बढ़ा है।

13.05 करोड़ खाते है निष्क्रिय

मंत्री ने कहा प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत खोले गए 56.04 करोड़ खातों में से 13.05 करोड़ खाते निष्क्रिय हैं। बैंकों द्वारा यह डेटा आरबीआई के साथ साझा किया जाता है। यह डेटा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत भी उपलब्ध है।

सरकारी योजनाओं के तहत लाभ होता है प्राप्त

बता दें कि पीएम जन धन योजना के खातों में लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त होता है। इसके अलावा खाताधारक प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंड अप इंडिया, पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि आदि जैसी विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।

वहीं पात्र और इच्छुक खाताधारकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) में नामांकन के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

खाता कब माना जाता है निष्क्रिय

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि किसी बचत या चालू खाते में दो साल से अधिक समय तक ग्राहक द्वारा कोई लेनदेन नहीं किया जाता है, तो उसे निष्क्रिय या निष्क्रिय माना जाता है। बैंक सक्रिय खातों के प्रतिशत की निरंतर निगरानी करते हैं और सरकार द्वारा प्रगति की नियमित रूप से निगरानी की जाती है।