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संसद के मानसून सत्र से पहले पीएम मोदी का बयान, ‘उम्मीद है सदन में तर्क के साथ चर्चा होगी’

PM Modi Statement on Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उम्मीद जताई कि सदन में तर्कपूर्ण एवं सार्थक चर्चा होगी, जिससे देशहित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकेंगे।
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Meta on restricts PM Modi video.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो-ANI)

Parliament Monsoon Session: संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद पहुंचे और मीडिया से बातचीत की। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि सदन में तर्कपूर्ण चर्चा होगी। उन्होंने कहा, 'चाहे मानसून हो या मानसून सत्र, अगर दोनों सक्रिय हों तो वे बहुत फायदेमंद साबित होते हैं। जब दोनों फायदेमंद होते हैं, तो इससे देश का कल्याण होता है और सभी जीवों का भी भला होता है। इसलिए हम प्रार्थना करते हैं कि मानसून सक्रिय और लाभदायक बना रहे तथा मानसून सत्र भी देश के लिए लाभदायक साबित हो।'

पीएम मोदी ने कहा, ऐसे समय में मानसून सत्र आरंभ हो रहा है, जब देश ने स्पिरिट पकड़ ली है। संसद का सत्र उस स्पिरिट को ऊर्जा से भर सकता है। सांसद किसी भी दल के हों, उनके पास लंबा अनुभव है। मिलजुलकर देश को आगे ले जाने की चर्चा होना आज के वक्त की मांग है। तर्क-तथ्य के साथ सदन की चर्चा को मजबूत किया जाए। हर आवाज को सम्मान मिले। मैं सदन में चर्चा के लिए सभी सांसदों को निमंत्रण देता हूं।

भारत 7.7% की ग्रोथ से आगे बढ़ा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, '… लगातार कहीं न कहीं युद्ध की स्थिति बनती है। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण भारत में भी एक संकट का बहुत बड़ा कारण रहा था। इससे हर विषय में अनेक बाधाएं आई थीं। इसके बाद भी भारत 7.7% की ग्रोथ से आगे बढ़ा… यह भारत के सामर्थ्य का परिचय है…'

देश में ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन शुरू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, राजस्थान में पिछले दिनों सबसे बड़ी रिफाइनरी देश को समर्पित की गई। कुछ दिन पूर्व ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली पहली ट्रेन शुरू की। दुनिया के चंद देशों में ही ये ट्रेन चल रही है। भारत की ये ट्रेन सबसे ताकतवर और सबसे लंबी है। भारतीय इंजीनियरों, उद्यमी, युवा और श्रमिक जो देश के लिए काम कर रहे हैं, यह उसी का परिणाम है।

भारतीय युवा स्टार्ट ने हासिल किए नए मुकाम

भारत के युवा स्टार्टर ने सिद्धि हासिल की है। भारतीय युवाओं ने अंतरिक्ष में नई उड़ान भरी है। स्काईरूट स्टार्टअप है। उसमें जो युवा काम कर रहे उनकी औसतन उम्र 28 वर्ष है। भारतीय नौजवानों ने अंतरिक्ष में भारत का झंडा गाड़ है। ये बातें आत्मविश्वास से भर देती हैं। भारत का प्रोफाइल दुनिया में सर्वमान्य बनता जा रहा है।