
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
Politics on Rath Yatra in Bengal: पश्चिम बंगाल में धर्म और महाप्रभु जगन्नाथ रथयात्रा पर राजनीतिक गरमा गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की दीघा में पुरी की तर्ज पर बने जगन्नाथ मंदिर का एक करोड़ से अधिक घरों में प्रसाद वितरण का दांव चला तो भाजपा ने जहां मंशा पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं पार्टी नेता सुवेंदु अधिकारी ने पलटवार करते हुए अपने विधानसभा क्षेत्र में पुरी जगन्नाथ मंदिर से प्रसाद मंगवाकर बंटवाने का ऐलान किया है। भाजपा ने तंज कसते हुए कहा है कि ममता हलाल का प्रसाद वितरण कर रही हैं। दीघा में सीएम ममता बनर्जी ने बीते 30 अप्रैल को 250 करोड़ की लागत से बने जगन्नाथ मंदिर का उद्घाटन किया था।
सीएम ने पहली रथयात्रा के मौके पर शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ का प्रसाद घर-घर पहुंचाने की घोषणा की। इसके लिए 42 करोड़ रुपए का फंड जारी करते हुए सरकारी एजेंसी हिडको को प्रसाद वितरण की जिम्मेदारी दी गई। सरकारी राशन की दुकानों से 4 जुलाई तक प्रसाद वितरण की तैयारी है।
सीएम ममता और उनकी पार्टी टीएमसी के खिलाफ भाजपा मुस्लिम तुष्टीकरण का काफी समय से आरोप लगाती रही है। इस आरोप के कारण हिंदु वोटों का ध्रुवीकरण होता रहा है। हिंदुओं के एक वर्ग में ममता को लेकर नाराजगी भी पनपती रही है। सूत्रों का कहना है कि अगले साल होने वाले चुनाव से पहले ममता बनर्जी प्रसाद वितरण के जरिए भाजपा की ओर से लगाए गए हिंदू विरोधी होने का टैग हटाना चाहती है। इसी प्रयास में मंदिर निर्माण के बाद अब प्रसाद वितरण का दांव चला गया है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दीघा मंदिर को राजनीति का केंद्र बना रहीं हैं, जबकि वो सांस्कृतिक केंद्र हैं। ममता हलाल प्रसाद बांट रहीं हैं, यह स्वीकार्य नहीं है। भाजपा का आरोप है कि मुस्लिमों की दुकानों से प्रसाद तैयार कराया जा रहा है।
Published on:
28 Jun 2025 09:29 am
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