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इजराइल-ईरान युद्ध पर भारत का नया फैसला, PM मोदी के भाषण के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने उठाया बड़ा कदम

पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच केंद्र सरकार ने भारत पर इसके संभावित प्रभाव की निगरानी बढ़ा दी है, इस क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल समिति की एक आपात बैठक की अध्यक्षता की।

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PM Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

पश्चिम एशिया में तेजी से बढ़ रहे संघर्ष के वैश्विक प्रभाव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार रात केंद्रीय कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की आपात बैठक की अध्यक्षता की। केंद्रीय खाद्य, सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामले मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को जारी प्रेस बयान में इसकी जानकारी दी। बैठक में भारत पर संभावित प्रभाव, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों की सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा हुई।

पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमिटी की आपात बैठक

प्रह्लाद जोशी के अनुसार, प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इस संघर्ष का अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा। भारत पर इसके असर का आकलन किया गया और तत्काल तथा लंबी अवधि के प्रतिकारक उपायों पर विचार-विमर्श हुआ। पीएम मोदी ने पूरे सरकार स्तर पर समन्वित कार्रवाई के लिए वरिष्ठ मंत्रियों और विभागीय सचिवों की समर्पित टीम गठित करने का निर्देश दिया।

जंग के बीच सप्लाई चेन बचाने की तैयारी!

बैठक में कृषि, खाद, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, एमएसएमई, निर्यात, परिवहन, व्यापार और वित्त जैसे क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की गई। आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए खाद की उपलब्धता और आपूर्ति पर विशेष ध्यान दिया गया। वैश्विक व्यवधानों के बीच वैकल्पिक स्रोतों से खाद की व्यवस्था पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ खाद्यान्न और आवश्यक वस्तुओं की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विस्तृत बातचीत की। उपभोक्ता हितों की रक्षा और निर्बाध आपूर्ति के उपायों की समीक्षा की गई।

LPG और तेल की कमी नहीं होने देगी सरकार!

बिजली क्षेत्र में पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि कोई कमी नहीं होगी। पावर प्लांटों में पर्याप्त कोयला स्टॉक और सौर, पवन तथा हरित ऊर्जा उत्पादन में भारत की प्रगति को मजबूती बताया। उन्होंने रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और उद्योग जैसे क्षेत्रों के लिए आयात स्रोतों में विविधता लाने तथा भारतीय वस्तुओं के लिए नए निर्यात बाजार तलाशने पर जोर दिया।

'घबराने की जरूरत नहीं, बैकअप तैयार है'

राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा तैयारी, खाद्य आपूर्ति और आवश्यक वस्तुओं पर फोकस वाली समर्पित टीमों के गठन का निर्देश दिया गया। प्रधानमंत्री ने सभी विभागों से सतर्क और सक्रिय रहने की अपील की। बाजारों पर नजर रखकर कृत्रिम कमी और जमाखोरी रोकने तथा राज्य सरकारों के साथ समन्वय से त्वरित हस्तक्षेप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रह्लाद जोशी ने कहा कि पीएम मोदी ने नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए सभी को सतर्क रहने का आह्वान किया। सरकार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ईंधन, गैस, खाद और बिजली में कोई कमी नहीं है, लेकिन वैश्विक स्थिति को देखते हुए पूरी तैयारी है।

यह बैठक पश्चिम एशिया में ईरान-इजराइल-यूएस तनाव के बीच भारत की ऊर्जा, खाद्य और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि एकजुट होकर इस चुनौती का सामना किया जाएगा।