
महाराष्ट्र की सोलापुर लोकसभा सीट सूबे की हाई प्रोफाइल सीट मानी जाती है। इस सीट पर पिछले लंबे समय से कांग्रेस का दबदबा रहा है। लेकिन बीजेपी में नरेंद्र मोदी का दौर आने के बाद से ही इस सीट पर कांग्रेस की पकड़ ढीली होने लगी है। अपनी परंपरागत सीट को बचाने के लिए कांग्रेस ने इस बार प्रणीति शिंदे को टिकट दिया है।
कौन हैं प्रणीति शिंदे?
बता दें कि प्रणीति शिंदे मनमोहन सिंह सरकार में गृहमंत्री और 18 जनवरी 2003 से 4 नवंबर 2004 तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे सुशील कुमार शिंदे की बेटी हैं। 2009 से वह सोलापुर सीट से विधायक हैं और अपने पिता की सियासी विरासत को आगे बढ़ा रही हैं।
कांग्रेस का गढ़ रहा है सोलापुर
ऐतिहासिक रूप से सोलापुर सीट कांग्रेस का गढ़ रहा है। प्रणीति शिंदे परिवार की तीसरी सदस्य हैं जो सोलापुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रही हैं। उनके पिता ने इस निर्वाचन क्षेत्र का तीन बार 1998, 1999 और 2009 में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। लेकिन कांग्रेस ने अपने इस गढ़ को 2014 और 2019 में गंवा दिया। वर्तमान में इसका प्रतिनिधित्व भाजपा के जय सिद्धेश्वर शिवाचार्य स्वामी कर रहे हैं। 2014 में इसका प्रतिनिधित्व एक अन्य पार्टी नेता शरद बंसोडे ने किया था।
7 मई को होगा मतदान
बता दें कि सोलापुर लोकसभा क्षेत्र की सीमा कर्नाटक के करीब है। यह अपने सूती चादर, सोलापुरी चादर के लिए प्रसिद्ध है। यह हथकरघा और पावरलूम उद्योग के लिए भी जाना जाता है। इस इलाके में तेंदू के पत्तों में से बनने वाली बीड़ी, हाथ से बनाई जाने वाली सिगरेट का काम होता है। सोलापुर में सबसे बड़ी समस्याओं पानी की कमी है, स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें छह से सात दिनों में एक बार पानी मिलता है। यहां बेरोजगारी और यहां के न होने वाला औद्योगिक विकास भी बड़ा मुद्दा है।
वहीं, प्रणीति अपनी हर सभा में मोदी सरकार पर धोखा देने का आरोप लगाती हैं। बता दें कि इस सीट पर तीसरे चरण में 7 मई को वोटिंग होनी है। एक तरफ बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोलापुर में 29 अप्रैल को एक चुनावी रैली कर चुके हैं। वहीं, प्रणीति शिंदे के समर्थन में उद्धव ठाकरे भी एक रैली को संबोधित कर चुके हैं।
Published on:
04 May 2024 04:23 pm
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