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राष्ट्रपति ने जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ को भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश के रूप में किया नियुक्त

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ को भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में नियुक्त कर दिया है, जो 49वें CJI जस्टिस उदय उमेश ललित के सेवानिवृत्त के बाद 8 नवंबर को CJI पद का कार्यभार संभालेंगे।  
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नई दिल्ली

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Abhishek Kumar Tripathi

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Updated: 17 Oct 2022, 7:49 PM IST

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President Appoints Justice DY Chandrachud As Next Chief Justice Of India

जस्टिस धनंजय वाई चंद्रचूड़ भारत के 50वें मुख्य न्यायाधीश होंगे। CJI उदय उमेश ललित ने अपने बाद मुख्य न्यायाधीश के रूप में 11 अक्टूबर को जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ के नाम की सिफारिश की थी, जिस पर आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुहर लगा दी है। CJI के रूप में जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ का कार्यकाल 8 नवंबर 2022 से लेकर 10 नवंबर 2024 तक के लिए होगा। जस्टिस चंद्रचूड़ के पिता जस्टिस वाईवी चंद्रचूड़ देश के 16वें मुख्य न्यायाधीश रहे चुके हैं, जिनका कार्यकाल 2 फरवरी 1978 से लेकर 11 जुलाई 1985 तक था।

वहीं देश के 49वें CJI जस्टिस उदय उमेश ललित मात्र 74 दिन का कार्यकाल संभालने के बाद 8 नवंबर को रिटायर हो जाएंगे, जो 48वें मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमना के बाद 27 अगस्त 2022 को कार्यभार संभाले थें।

यह भी पढ़ें: हमें भी एक ब्रेक दें, जजों को निशाना बनाने की भी एक लिमिट होती है: जस्टिस DY Chandrachud

उदार और प्रगतिशील निर्णयों के लिए जाने जाते हैं न्यायमूर्ति चंद्रचूड़
देश के 50वें मुख्य न्यायाधीश उदार और प्रगतिशील निर्णयों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में अविवाहित महिलाओं के 24 हफ्ते तक के गर्भपात की मांग की याचिका के पक्ष में फैसला किया गया है, उस संविधान पीठ के जस्टिस चंद्रचूड़ सदस्य थे। दरअसल पहले केवल विवाहित महिलाओं को यह अधिकार प्राप्त था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अविवाहित महिलाओं को भी गर्भपात का अधिकार मिल गया है। इसके साथ ही न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ उस संविधान पीठ का भी हिस्सा थे, जिसने सहमति से समलैंगिक यौन संबंध को अपराध की श्रेणी से बाहर किया है। इसके साथ ही अयोध्या-बाबरी मस्जिद मामले में फैसला सुनाने वाले 5 जजों में भी न्यायमूर्ति धनंजय वाई चंद्रचूड़ शामिल थे।

यह भी पढ़ें: महिलाओं के हक में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला- विवाहित की तरह अविवाहित को भी गर्भपात का अधिकार

न्यायाधीश के रूप में 29 मार्च 2000 में जस्टिस चंद्रचूड़ के करियर की हुई थी शुरुआत
जस्टिस धनंजय वाई चंद्रचूड़ को बॉम्बे हाईकोर्ट ने साल 1998 में वरिष्ट वकील के रूप में नामित किया था। हालांकि न्यायाधीश के रूप उनके करियर की शुरुआत 29 मार्च 2000 में हुई थी, तब उन्हें बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। वहीं इससे पहले वह भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल भी रह चुके हैं।

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