
सीपी राधाकृष्णन और जगदीप धनखड़ (Photo: IANS)
Vice President Swearing-In Ceremony Today: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह दस बजे राष्ट्रपति भवन में सीपी राधाकृष्णन (C.P. Radhakrishnan) को उपराष्ट्रपति पद की शपथ (Vice President Swearing-In Ceremony) दिलाएंगी। सीपी राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति चुनाव में इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों से हराया था। वहीं, गुरुवार को राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल के पद से इस्तीफा दे दिया।
9 सितंबर को हुए उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को सिर्फ 300 वोट मिले। चुनाव में राधाकृष्णन को भारी मतों से जीत मिली। माना जा रहा है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंगी भी हुई। इंडिया ब्लॉक के 10 से अधिक सांसदों ने सीपी राधाकृष्णन को वोट दिया। इस पर सियासत भी खूब गरमाई।
चुनाव में जीत मिलने के बाद सीपी राधाकृष्णन ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। शाह ने उन्हें उपराष्ट्रपति बनने पर बधाई दी। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन से मिले।
नए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में आज पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी शामिल हो सकते हैं।
इससे पहले पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सीपी राधाकृष्णन को जीत की बधाई दी थी। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि नए उपराष्ट्रपति की यह उपलब्धि देश के प्रतिनिधियों का विश्वास दर्शाती है। धनखड़ ने यह भी कहा कि राधाकृष्णन के सार्वजनिक जीवन का अनुभव उपराष्ट्रपति पद को और गरिमा प्रदान करेगा। कांग्रेस नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे। राहुल गांधी अभी गुजरात दौरे पर हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत विपक्ष के बड़े नेता शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे।
बता दें कि 21 जुलाई को जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। धनखड़ के इस्तीफा देने के 50 दिन बाद उपराष्ट्रपति पद पर चुनाव हुए और सीपी राधाकृष्णन ने बड़े मार्जिन से जीत हासिल की।
सीपी राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद आचार्य देवव्रत महाराष्ट्र के राज्यपाल की जिम्मेदारी निभाएंगे। सीपी राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा दिया है। इस कारण राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी। गुजरात के राज्यपाल के रूप में कार्य करने से पहले आचार्य देवव्रत अगस्त 2015 से जुलाई 2019 तक हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल भी रहे हैं। उन्होंने जुलाई 2019 से गुजरात के राज्यपाल के रूप में कार्य करना शुरू किया।
Updated on:
12 Sept 2025 06:45 am
Published on:
12 Sept 2025 06:42 am
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