
प्रतीकात्मक तस्वीर
Pune Fake Baba Case: पुणे में एक स्वयंभू बाबा की शर्मनाक करतूत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 41 साल की महिला ने आरोप लगाया है कि बाबा राधामोहन मिश्रा ने 15 सालों तक उसका यौन शोषण किया और उसे मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना दी। पुलिस ने हरियाणा के रहने वाले राधामोहन मिश्रा और उसके सात सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में महिला ने ढोंगी बाबा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले की जांच जारी है।
मामले का पता तब चला जब सिंहगढ़ रोड में रहने वाली 41 साल की महिला ने मंगलवार रात पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुणे क्राइम ब्रांच की टीम ने वाघोली के उबालेनगर स्थित बंगले पर देर रात छापा मारा। पुलिस आयुक्त कुमार ने बताया कि राधामोहन मिश्रा मूल रूप से हरियाणा का रहने वाला है और पिछले आठ से पुणे में रह रहा था। वह इसी बंगले से अपना आश्रम संचालित करता था। बंगले से स्वयंभू बाबा राधामोहन मिश्रा, उसके सहयोगी कंवल नयन और छह महिला सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को अदालत ने 20 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि राधामोहन मिश्रा खुद को भगवान का अवतार बताता था। पीड़िता और उसका परिवार हरियाणा का रहने वाला है और धीरे-धीरे बाबा के संपर्क में आ गया था। महिला का आरोप है कि मिश्रा ने पहले उसके परिवार का भरोसा जीता और फिर सभी को अपने प्रभाव में ले लिया। इसके बाद उसने महिला को बेईमान बताकर परिवार के सामने इमेज खराब करी।
महिला ने आरोप लगाया है कि बाबा ने 15 साल तक उसका शोषण किया। उसके मुताबिक, उसे जबरदस्ती बाबा का पेशाब पिलाया गया, बिजली के झटके दिए गए और लगातार मानसिक रूप से परेशान किया गया। महिला का यह भी आरोप है कि उस पर पति से अलग होने का दबाव बनाया गया और उसकी संपत्ति अपने नाम करवाने की कोशिश की गई। वह लंबे समय तक डर और दबाव में जीती रही।
जांच में पता चला कि जिस बंगले में महिला रहती थी, वहां उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जाती थी। उसके कमरे में CCTV कैमरे लगाए गए थे। पुलिस का कहना है कि महिला को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के लिए यह निगरानी की व्यवस्था की गई थी। बाद में महिला ने हिम्मत दिखाई, कमरे के कैमरे तोड़े और वहां से निकलकर अपने परिवार तक पहुंचने में सफल रही।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला बाबा के प्रभाव से बाहर निकलकर अपनी जिंदगी जीना चाहती थी। जब उसने शादी करने की इच्छा जताई तो मिश्रा ने एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए उसकी शादी करवाई। हालांकि, शादी के बाद भी वह महिला पर अपनी शर्तें थोपता रहा। आरोप है कि उसने महिला और उसके पति के निजी वीडियो हासिल कर उन्हीं के जरिए उसे ब्लैकमेल करता रहा और बाद में तलाक भी करवा दिया।
पुलिस छापेमारी के दौरान बंगले से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामान बरामद हुआ। इनमें 19 हार्ड डिस्क, 12 लैपटॉप, एक टैबलेट, 11 मोबाइल फोन, कई DVD और CD, 23 पेन ड्राइव, 15 लाख रुपये के आभूषण और 6.5 लाख रुपये नकद शामिल हैं। इसके अलावा 10 गोलियां भी मिलीं, लेकिन पुलिस को वहां कोई हथियार नहीं मिला।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि बंगले में एक भूमिगत सुरंग बनाई जा रही थी। अधिकारियों को शक है कि यह सुरंग जरूरत पड़ने पर वहां से भागने के लिए तैयार की जा रही थी। फिलहाल पुलिस इस निर्माण कार्य और इसके मकसद की भी जांच कर रही है। मामले के तकनीकी और आर्थिक पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस के अनुसार राधामोहन मिश्रा के अनुयायी महाराष्ट्र के अलावा उत्तर भारत के कई राज्यों में फैले हुए थे। बड़ी संख्या में लोग उसके आश्रम में आते-जाते थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर गुरुवार को बंगले में भजन कार्यक्रम होते थे, जिनमें काफी लोग शामिल होते थे। हालांकि आश्रम में रहने वाले लोग आसपास के लोगों से दूरी बनाकर रखते थे और बाहरी लोगों को ज्यादा दखल नहीं देने देते थे।
Updated on:
18 Jun 2026 06:06 pm
Published on:
18 Jun 2026 04:36 pm
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