
Rahul Gandhi Jantar Mantar Protest
Rahul Gandhi Jantar Mantar Protest: लोकसभा में नेता प्रतिपपक्ष व कांग्रेस सांसद संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। वह डीसीपी दफ्तर में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन इस्तेमाल किए जाने की जांच से जुड़ी जानकारी लेने पहुंचे। इस दौरान वह पैलेट गन से घायल हुए साहिल लोहबच को भी अपने साथ लेकर गए। राहुल यह जानना चाहते थे कि मामले में अभी तक जांच किस स्टेज पर पहुंची है और पुलिस ने अब तक क्या कदम उठाए हैं।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस मामले में अभी तक पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की है, लेकिन कुछ देर में जानकारी सामने आई कि पुलिस ने शिकायत स्वीकार कर ली है। धरने वाली जगह पर मीडियाकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों की भारी भीड़ जमा हो गई, और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी वहां मौजूद रहे।
जंतर-मंतर के प्रदर्शन में हथियार के कथित इस्तेमाल का मुद्दा अब राजनीतिक बहस के साथ जांच के केंद्र में भी है। राहुल गांधी ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर यह जानने की कोशिश की कि मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है और जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से गन के इस्तेमाल को लेकर उठे विवाद ने अब नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को संसद मार्ग थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर पूरे मामले की जांच की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की।
राहुल गांधी का पुलिस अधिकारियों से संपर्क करना ऐसे समय में हुआ है, जब प्रदर्शन के दौरान हथियार के कथित इस्तेमाल को लेकर सवाल लगातार उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस की ओर से इस घटनाक्रम को गंभीरता से लिया जा रहा है और मामले की जांच में अब तक हुई कार्रवाई को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।
राहुल गांधी ने अधिकारियों से यह जानने की कोशिश की कि जंतर-मंतर से जुड़े इस विवाद में जांच किस स्तर तक पहुंची है। खास तौर पर कथित गन के इस्तेमाल, उससे जुड़े घटनाक्रम और पुलिस की ओर से अब तक उठाए गए कदमों को लेकर जानकारी ली गई।
मामले में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और पुलिस की कार्रवाई आगे की तस्वीर साफ करने में अहम भूमिका निभा सकती है। फिलहाल इस घटनाक्रम को लेकर सामने आने वाली आधिकारिक जानकारी पर सभी की नजर बनी हुई है।
इस पूरे विवाद में पैलेट गन का मुद्दा भी चर्चा के केंद्र में है। पैलेट गन आमतौर पर भीड़ नियंत्रण के लिए इस्तेमाल होने वाले हथियारों में गिनी जाती है, लेकिन इनके इस्तेमाल को लेकर मानवाधिकार और सुरक्षा से जुड़े सवाल लंबे समय से बहस का विषय रहे हैं।
यही वजह है कि जंतर-मंतर की घटना में हथियार के कथित इस्तेमाल का मामला केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार और पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठा रहा है, जबकि जांच के निष्कर्ष यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति क्या थी।
Updated on:
21 Aug 2026 01:16 pm
Published on:
21 Aug 2026 12:20 pm
