
सुप्रीम कोर्ट (Photo- IANS)
JPSC Exam: झारखंड संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक प्रतियोगी परीक्षा 2025 में कथित गड़बड़ियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।याचिकाकर्ता ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ मामले की सुनवाई करेगी।
याचिकाकर्ता हरीशरण देवगन ने 19 अप्रैल को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसकी निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर चिंताएं जताई हैं। उनका कहना है कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है। यह मामला ऐसे समय में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है, जब झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
इससे हले छात्रों के आंदोलन की वजह से हेमंत सोरेन सरकार की ओर से लिए गए फैसले पर भी सवाल उठे हैं। झारखंड हाई कोर्ट ने 20 अगस्त को 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षाओं को रद्द करने के साथ-साथ इनके आधार पर की गई नियुक्तियों से संबंधित सरकार के आदेशों पर भी रोक लगा दी थी। अदालत ने राज्य सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
हेमंत सोरेन सरकार की ओर से झारखंड हाई कोर्ट में दलीली दिया गया था कि पूरी भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। इसी वजह से पूरी नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने का फैसला लिया गया। हालांकि, इस दलील के बावजूद हाई कोर्ट ने नियुक्तियों को तत्काल समाप्त करने के सरकार के तरीके पर आपत्ति जताई।
इस दौरान राज्य सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि विभिन्न शिकायतों के आधार पर सीआईडी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि याचिकाकर्ताओं को संबंधित आपराधिक मामले में ट्रायल कोर्ट के अंतिम फैसले का पालन करना होगा। इसके लिए उन्हें शपथपत्र या अंडरटेकिंग देने को कहा गया है। यदि आपराधिक मामले में आगे कोई ऐसा निष्कर्ष सामने आता है, जिसके आधार पर कानून के तहत कार्रवाई जरूरी हो, तो सरकार कानून के मुताबिक कदम उठा सकेगी।
बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार ने 18 अगस्त को अधिसूचना जारी कर झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और एक बाहरी एजेंसी की ओर से आयोजित 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी थीं। इसके अलावा 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए गए थे।
Updated on:
21 Aug 2026 12:54 pm
Published on:
21 Aug 2026 12:33 pm
