Rajiv Gandhi Birth Anniversary: भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री की पढ़ाई, प्यार और राजनीतिक फैसलों तक जानिए 10 तथ्य

Rajiv Gandhi Birth Anniversary सोनिया से प्यार का इजहार हो या फिर राजनीति में ऐतिहासिक फैसले लेने का साहस राजीव गांधी अपनी भावनाओं को बयां करने में हमेशा मुखर रहे

By: धीरज शर्मा

Published: 20 Aug 2021, 08:11 AM IST

नई दिल्ली। देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज जयंती ( Rajiv Gandhi Jayanti 2021 ) है। राजीव गांधी को देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने का गौरव भी राजीव को हासिल है। यही नहीं गांधी परिवार की तीसरी पीढ़ी के इस नेता को आधुनिक भारत का शिल्पकार भी कहा जाता है।

राजीव गांधी का जन्म ( Rajiv Gandhi Birth Anniversary ) 20 अगस्त 1944 को मुंबई (महाराष्ट्र) में हुआ था। राजनीति में रुचि ना होने बावजूद मां और तात्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निधन के बाद उन्हें तुरंत प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी। जानते हैं देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री से जुड़ी 10 बड़ी बातें।

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राजीव गांधी के जीवन से जुड़ी 10 बड़ी बातें

1. राजीव गांधी का पूरा नाम राजीव रत्न गांधी था

2. राजीव को ये नाम उनकी दादी के नाम पर पंडित जवाहरलाल नेहरू की पत्नी कमला नेहरू के नाम पर रखा गया था, क्योंकि राजीव और कमला का अर्थ टकमल' है, जिसका उपयोग देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए किया जाता है।

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3. राजीव सोनिया की सुंदरता पर इतने मोहित हो गए कि जब उन्होंने सोनिया को पहली बार एक रेस्तरां में देखा तो उन्होंने रुमाल के एक टुकड़े पर एक कविता लिख दी।

4. राजीव सोनिया के प्रति अपनी भावनाओं को लेकर काफी मुखर थे। उन्होंने कहा था कि मैं ऐसी लड़की को जानता हूं, जो दुनिया में अब तक सबसे खूबसूरत है।

5. सोनिया के पिता स्टेफानो माइनो ने सोनिया और राजीव की शादी को मंजूरी नहीं दी क्योंकि राजीव एक प्रधानमंत्री के बेटे थे

6. राजीव गांधी इंजीनियरिंग करना चाहते थे। इसके लिए वे कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी भी गए, लेकिन बाद में पढ़ाई अधूरी ही छोड़ दी।

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7. राजीव को आसमान में उड़ना पसंद था, लिहाजा वे इंडियन एयरलाइनस में पायलट बन गए। राजनीति से जुड़ने से पहले तक वे बतौर पायलट ही जाने जाते थे।

8. राजीव ने 31 अक्टूबर 1984 को भारत के सातवें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली, क्योंकि उसी दिन उनकी मां की हत्या उनके ही अंगरक्षकों ने की थी।

9. राजीव का राजनीतिक करियर काफी अच्छा रहा। उनके शासन काल में संचार क्रांति, कम्प्यूटर क्रांति, शिक्षा का प्रसार, 18 साल के युवाओं को मताधिकार, पंचायती राज जैस बड़े फैसले शामिल थे।

10. राजीव गांधी के कार्यकाल का सबसे बदनुमा दाग बोफोर्स कांड रहा। इससे न सिर्फ उनकी किरकिरी हुई बल्कि उनके हाथ से सत्ता भी निकल गई।

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21 मई 1991 में 46 वर्ष की उम्र में राजीव गांधी की तमिलनाडु में लिट्‍टे द्वारा किए गए आत्मघाती विस्फोट में मौत हो गई। एक जनसभा में कांग्रेस के उम्मीदवार के लिए प्रचार करने वे श्रीपेरंबुदूर गए थे। यहां एक महिला राजीव गांधी के पास पहुंची और उनके पैर छूने के लिए झुकी, झुकते ही एक आत्मघाती बम से जोरदार धमाका हुआ। इस धमाके की गूंज पूरे देश में सुनाई दी। इस धमाके में देश ने अपने सबसे युवा प्रधानमंत्री को हमेशा के लिए खो दिया।

धीरज शर्मा
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