
Rajiv Gandhi Death Anniversary
Rajiv Gandhi Death Anniversary : देश के पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव गांधी की आज पुण्यतिथि है। राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त, 1944 को मुंबई में हुआ। 21 मई, 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरमबदूर में दिल दहला देने वाले एक बम विस्फोट में उनकी हत्या कर दी गई। उनकी हत्या के पीछे आतंकी संगठन लिट्टे (Liberation Tigers of Tamil Eelam) का हाथ था। इस घटना के बीज श्रीलंका के आंतरिक संघर्ष में छिपे हैं जो कई साल पहले से चल रहा था। आज ही एक दिन देश ने अपने पूर्व प्रधानमंत्री को समय से पहले ही खो दिया था। ऐसा कहा जाता है कि राजीव गांधी की मौत एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी जिसपर अभी भी विवाद होते रहे हैं। उस हत्याकांड में शामिल आरोपी फिलहाल जेलों में बंद हैं जिनकी रिहाई पर भी राजनीति होती रही है।
बम धमाके में राजीव गांधी सहित 15 की मौत
21 मई, 1991 के दिन कद में छोटी 30 साल की महिला राजीव गांधी की तरफ एक चंदन की माला लेकर बढ़ती है। हाथ में माला लेकर और चेहरे पर मुस्कान लिए वो राजीव गांधी के पैरों को छूने के लिए झुकती है। उस समय एक ज़ोरदार बम धमाका हुआ। इस धमाके में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी सहित 15 लोगों की मौत हो जाती है।
गूंज रहे थे 'इंदिरा गांधी' और 'राजीव गांधी' के गीत
वहां मौजूद पत्रकारों का कहना है कि उस वक्त 'इंदिरा गांधी जीएं, राजीव गांधी जीएं' गीत गूंज रहे थे। थोड़ी देर में चारो तरफ अफरा-तफरी का माहौल हो गया। बम धमाके से उठे धुएं के छटने के बाद राजीव गांधी को ढूंढना शुरू किया। वहां पर पूर्व प्रधानमंत्री का शरीर पीठ के बल ज़मीन पर पड़ा था। उनका सिर धमाके में पूरी तरह से फट चुका था।
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सोनिया गांधी ने पूछा, क्या राजीव जिंदा है
एक वरिष्ठ पत्रकार के अनुसार, जब बम धमाके का पता सोनिया गांधी को चला तो उनका सबसे पहले पूछा, क्या राजीव जिंदा हैं। इसका जवाब राजीव गांधी के सचिव नहीं दे पाए। राजीव गांधी की मौत पर पूछे उस सवाल का जवाब नहीं मिला तो सोनिया गांधी बेहोश हो गई।
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राजीव गांधी की जुबान पर आखिरी नाम
राजीव गांधी की हत्या के अपराध में 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया। एक मुख्य अभियुक्त ने गिरफ्तारी के दौरान साइनाइड खाकर सुसाइड कर लिया। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राजीव गांधी की जुबान पर जो आखिरी नाम आया था वह महिला पत्रकार नीना गोपाल का था। नीना गोपाल उस समय गल्फ न्यूज की रिपोर्टर थीं। राजीव गांधी ने उन्हें बुलाने के लिए किसी को भेजा ही था कि तभी धमाका हो गया।
Published on:
21 May 2022 10:18 am
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