
राज्य सभा की 11 सीटों के लिए सोमवार को मतदान होगा (Photo-IANS)
Rajya Sabha elections 2026: राज्य सभा की 11 सीटों के लिए 16 मार्च को वोटिंग होगी। उसके लिए उलटी गिनती शुरू हो गई है। इसके साथ ही राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। इस बार हरियाणा, ओडिशा और बिहार तीन सीटों के कारण सियासी मुकाबले का केंद्र बन गए हैं, जहां पर एनडीए और विपक्षी गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।
हालांकि राज्य सभा की 37 सीटों के लिए वोटिंग होनी थी, लेकिन 26 सीटों के लिए निर्विरोध चुनाव हुए हैं। ऐसे में अब सबकी नजर 11 सीटों पर सोमवार को होने वाले मतदान पर रहेगी।
राज्य सभा चुनाव के लिए वोटिंग से पहले विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स-ट्रेडिंग) और क्रॉस-वोटिंग की आशंकाओं के चलते कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए रिसॉर्ट पॉलिटिक्स का सहारा लिया है। पार्टी ने कई विधायकों को दूसरे राज्यों के रिसॉर्ट या होटलों में भेज दिया है ताकि मतदान तक उन्हें साथ रखा जा सके।
सोमवार को जिन राज्यों की राज्य सभा सीटों के लिए चुनाव होगा, उनमें बिहार की 5, ओडिशा की 4 और हरियाणा की 2 सीटें हैं।
संख्या बल के हिसाब से बिहार की चार सीटों, ओडिशा की दो सीटों और हरियाणा की एक सीट पर एनडीए का पलड़ा भारी माना जा रहा है। हालांकि बाकी सीटों के लिए मुकाबला बेहद रोमांचक है।
हरियाणा की दो सीटों पर तीन प्रत्याशी मैदान में हैं, जिससे यहां पर मुकाबला रोमांचक हो गया है। कांग्रेस ने कर्मवीर सिंह बौद्ध को प्रत्याशी बनाया है, जबकि बीजेपी ने संजय भाटिया को उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं बीजेपी समर्थित सतीश नांदल भी चुनावी मैदान में है।
90 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के पास 48 विधायक, कांग्रेस के 37, आईएनएलडी के 2 और 3 निर्दलीय विधायक हैं। जीत के लिए उम्मीदवार को कम से कम 31 वोट चाहिए। एक सीट पर बीजेपी की जीत निश्चित मानी जा रही है। हालांकि कांग्रेस के पास भी जीत के लिए पर्याप्त नंबर है, लेकिन पार्टी को क्रॉस वोटिंग का डर है। इसलिए कांग्रेस ने अपने 32 विधायकों को हिमाचल प्रदेश भेज दिया है ताकि क्रॉस-वोटिंग की संभावना कम हो सके।
पिछले चुनाव में भी क्रॉस वोटिंग के कारण कांग्रेस प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा था। इसलिए पार्टी इस बार कोई भी गलती नहीं करना चाहती है।
ओडिशा में भी एक सीट के लिए मुकाबला दिलचस्प हो गया है। यहां सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी बीजेडी के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। बीजेपी समर्थित एक निर्दलीय उम्मीदवार के मैदान में होने से क्रॉस-वोटिंग की संभावना बढ़ गई है। कांग्रेस ने अपने आठ विधायकों को कर्नाटक भेज दिया है।
बिहार में पांच सीटों के लिए चुनाव होना है। आरजेडी ने भी एक सीट के लिए अपना उम्मीदवार उतारा है। 243 सदस्यीय विधानसभा में आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों समेत विपक्षी गठबंधन के पास 35 विधायक हैं।
पांचवीं सीट जीतने के लिए विपक्ष को एआईएमआईएम के पांच विधायकों और बीएसपी के एक विधायक का समर्थन चाहिए। हालांकि क्रॉस-वोटिंग की आशंका के कारण यहां भी एनडीए का पलड़ा भारी माना जा रहा है।
बिहार से जिन बड़े नेताओं के राज्यसभा पहुंचने की संभावना है उनमें नीतीश कुमार और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल हैं।
Updated on:
15 Mar 2026, 8:56 AM IST
Published on:
15 Mar 2026, 8:56 AM IST
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