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Ram Mandir Theft : राम मंदिर में 35 दान पेटियों में कितना एकत्र होता है चढ़ावा, जानिए कैसे की जाती है चंदे की गिनती ?

Ram Mandir Donation Scam : राम मंदिर परिसर में मिले दान की गिनती कड़ी निगरानी में बड़े पैमाने पर की जाती है। लगभग 35 दान पेटियों से इकट्ठा किया गया दान गिनती के लिए इस खास कमरे में लाया जाता है।

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भारत

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MI Zahir

Jun 19, 2026

Ram Mandir Donations case News

अयोध्या के राम मंदिर के अंदर का नजारा। (फोटो : ANI)

Ayodhya Ram Mandir Theft case SIT investigation : इन दिनों देश और दुनिया में अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावा चोरी होने का मामला सुर्खियों में है। इस मामले की अब एसआईटी हर पहलू से जांच कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चंदे की गिनती की एक खास प्रक्रिया है, पहले सारा चंदा एक जगह जमा किया जाता है । मंदिर परिसर में लगीं लगभग 35 दान पेटियों से प्राप्त चंदे को इमारत के कक्ष में लाया जाता है और उसकी गिनती की जाती है। एक अनुमान के अनुसार इस मंदिर को रोजाना मिलने वाले दान की अनुमानित राशि 8 लाख से 13 लाख रुपये है। जब चढ़ावे की राशि 50 लाख से 60 लाख रुपये तक पहुंच जाती है।

तहखाने में है गिनती कक्ष : दो शिफ्टों में की जाती है गिनती

चंदा गिनती की प्रक्रिया यह है कि अयोध्या में राम मंदिर के चंदे को लेकर चल रहे विवाद के केंद्र में एक साधारण से नाम वाला 'तीर्थयात्री सुविधा केंद्र' है। मुख्य मंदिर से 200 मीटर की दूरी पर स्थित और उसी की वास्तुकला से प्रेरित इस इमारत के तहखाने में एक गिनती कक्ष है। मंदिर में रोज लगभग एक लाख श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं, इसलिए गिनती दो शिफ्टों में की जाती है-लगभग सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक और दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक, हर शिफ्ट में लगभग 20 कर्मचारी गिनती करते हैं।

ट्रस्ट की निगरानी में इस चढ़ावे की ऐसे की जाती है गिनती

राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की निगरानी में की जाती है। पहले दान पेटियों को सुरक्षित लाया जाता है, उसके बाद मंदिर परिसर में रखे गए दान पात्रों को कड़ी सुरक्षा और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में खोला जाता है। गिनती दल गिनती करते हैं और इस प्रक्रिया में ट्रस्ट के कर्मचारी, भारतीय स्टेट बैंक और टीसीएस की ऑडिट टीम शामिल होती है।

सही गिनती के लिए आधुनिक कैश काउंटिंग मशीनों का होता है इस्तेमाल

नकदी की सही सही गिनती के लिए आधुनिक कैश काउंटिंग मशीनों का उपयोग किया जाता है। दान की पूरी राशि का रजिस्टर में ब्योरा दर्ज किया जाता है। इसके बाद राशि को मंदिर के लॉकर में सुरक्षित रख कर अगले दिन बैंक में जमा करवा दी जाती है। ध्यान रहे कि आरोप है कि मंदिर से 200 करोड रुपये के चढ़ावे की चोरी की गई है। चंदा चोरी होने के मामले में तीन ​बार शिकायत दर्ज होने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।