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पार्टियों को चंदा देने वालों को 3100 करोड़ की छूट, 140 करोड़ जनता के जा रहे 22-22 रुपये

Gold Bond लेने वालों पर 200 करोड़ का टैक्स, पार्टियों को चंदा देने वालों को 3100 करोड़ की छूट।

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भारत

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Vijay Kumar Jha

Feb 08, 2026

Tax rebate on political donation

टैक्स रिबेट वर्सेज पॉलिटिकल डोनेशन

केंद्र सरकार जहां सोवेरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) के निवेशकों से 200 करोड़ रुपये वसूलने के लिए 12.5 फीसदी का ‘रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स’ लगा रही है, वहीं राजनीतिक दलों को चंदा देने वालों को 3100 करोड़ रुपये से ज्यादा की छूट दे रही है।

राजनीतिक दलों को मिलने वाला चंदा जैसे-जैसे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे सरकारी खजाने पर चपत भी बढ़ रही है, क्योंकि चंदा देने पर मिलने वाली आय कर छूट (Income Tax Rebate) लगातार बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2024-25 में राजनीतिक दलों को चंदा देने वालों को आय कर (Income Tax) में मिलने वाली छूट (Tax Rebate) 3126.12 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। 2023-24 में यह 2766.47 करोड़ रुपये थी। इस छूट में पांच साल में छह गुना बढ़ोतरी हुई है।

ताजा आंकड़ों से हिसाब लगाएं तो राजनीतिक दलों को चंदा देने वालों को 140 करोड़ जनता के हिस्से से 22-22 रुपये छूट दी जा रही है।

चंदा देने वालों को मिल रही आय कर में कितनी छूट

वित्त वर्षराजनीतिक चंदे पर आय कर छूट (करोड़ रुपये में)
2019-20544.53 करोड़ रुपये
2020-21740.03 करोड़ रुपये
2021-221,650.86 करोड़ रुपये
2022-232,275.85 करोड़ रुपये
2023-24 2766.47 करोड़ रुपये
2024-25    3126.12 करोड़ रुपये

यह छूट लेने वालों में केवल कॉरपोरेट करदाता ही नहीं है। इनमें नॉन कॉरपोरेट्स (फर्म्सAOPs या असोशिएशन ऑफ पर्सन्स, BOI या बॉडी ऑफ इंडिविडुअल्स आदि), अविभाजित हिन्दू परिवार (HUF) और निजी (individual) करदाता भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा छूट लेने वाले निजी/एचयूएफ कैटेगरी के करदाता हैं।

इस चार्ट से समझिए, देश में किस वर्ग के कितने करदाता हैं;

पैन (PAN) श्रेणीAY 2013-14AY 2018-19AY 2022-23AY 2024-25
व्यक्तिगत (Individual)4,95,76,5558,04,45,5118,90,89,79511,61,36,768
HUF9,60,00411,87,18012,89,93513,76,723
फर्म (Firm)10,35,68814,25,37516,31,59218,06,205
कंपनी (Company)7,02,8288,86,88910,77,31211,97,412
ट्रस्ट (AOP/Trust)2,05,7582,84,5783,05,0233,40,401
अन्य1,59,4252,91,9543,83,2124,70,000
कुल योग (Total)5,26,44,4968,45,21,4879,37,76,86912,13,27,509

दशकों पुराना है चंदे पर छूट मिलने वाला कानून

बता दें कि कॉरपोरेट करदाता इनकम टैक्स कानून 1961 की धारा 80जीजीबी और बाकी 80जीजीसी के तहत राजनीतिक दलों को चंदे में दी गई रकम पर आय कर से छूट का फायदा उठा सकते हैं। इसके तहत राजनीतिक दल या चुनावी ट्रस्ट को चेक या ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए चंदा देने पर वह रकम कर योग्य आय में से घटा दी जाती है।

इस नियम का फायदा उठा कर आय कर में ली जाने वाली छूट बढ़ रही है तो इसका साफ मतलब है कि राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे की रकम भी बढ़ रही है। इस बढ़ोतरी का अंदाज आप यह चार्ट देख कर लगा सकते हैं।

राजनीतिक दलचंदे की राशि (2024-25)पिछले वर्ष (2023-24) से तुलनास्थिति
भारतीय जनता पार्टी (BJP)₹ 6,654.93 करोड़₹ 3,967 करोड़68% की वृद्धि
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC)₹ 522.13 करोड़₹ 1,129 करोड़43% की गिरावट
तृणमूल कांग्रेस (TMC)₹ 184.08 करोड़₹ 618.8 करोड़भारी गिरावट
तेलुगु देशम पार्टी (TDP)₹ 85.2 करोड़₹ 274 करोड़गिरावट
बीजू जनता दल (BJD)₹ 60 करोड़₹ 246 करोड़गिरावट
आम आदमी पार्टी (AAP)₹ 39.2 करोड़₹ 22.1 करोड़वृद्धि
भारत राष्ट्र समिति (BRS)₹ 15.09 करोड़₹ 580 करोड़भारी गिरावट

राजनीतिक दलों पर यह धन-वर्षा ऐसे समय हो रही है, जब चुनाव सुधार की बात ज़ोर-शोर से हो रही है। हालांकि, सरकार की ओर से चंदे को बढ़ावा देने वाले कदमों पर ज़ोर देखा गया है। राजनीतिक चंदे पर टैक्स छूट को जारी रखना भी ऐसा ही एक कदम माना जा सकता है। 2018 में लाए गए इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए चंदा देने वालों के नाम सरकार ने तभी सार्वजनिक किए थे, जब सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए मजबूर किया। सुप्रीम कोर्ट ने अंततः चंदा लेने की इस व्यवस्था को असंवैधानिक बता कर खत्म कर दिया।

वित्तीय वर्षकॉर्पोरेट टैक्सगैर-कॉर्पोरेट टैक्सअन्य प्रत्यक्ष करकुल योग
2015-164,53,2282,87,6371,0797,41,945
2016-174,84,9243,49,50315,2868,49,713
2017-185,71,2024,20,08411,45210,02,738
2018-196,63,5724,73,17996711,37,718
2019-205,56,8764,92,7171,08810,50,681
2020-214,57,7194,87,5601,8979,47,176
2021-227,12,0376,96,6043,78114,12,422
2022-238,25,8348,33,3074,54516,63,686
2023-249,11,05510,44,7264,38519,60,166
2024-25 (शुरुआती आंकड़ा)9,86,76712,35,1614,44722,26,375

आम निवेशकों पर बोझ

जहां हर साल राजनीतिक चंदे पर दी जाने वाली आय कर छूट की रकम बढ़ रही है, वहीं आम निवेशकों से कर वसूलने के नए-नए नियम बनाए जाते रहे हैं। इस बार भी एक ऐसा नियम बजट में घोषित किया गया है। इसके तहत सोवेरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने वालों पर 12.5 फीसदी की दर से कैपिटल गेन टैक्स लगाएगा। अब तक यह बॉन्ड पूरी तरह टैक्स-फ्री था। 2024 से इसे जारी भी नहीं किया जा रहा है। फिर भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने इस पर 'रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स' लगाने की घोषणा की है।

इसका असर क्या?

अर्थशास्त्री सुरजीत एस भल्ला ने अपने एक लेख में बताया है कि गोल्ड बॉन्ड के निवेशकों पर 12.5 फीसदी का टैक्स लगा कर सरकार करीब 200 करोड़ रुपये जुटाना चाह रही है, लेकिन इससे होने वाला नुकसान कहीं ज्यादा भारी पड़ेगा। उन्होंने निवेशकों का भरोसा हिलने की आशंका जताई है और कहा है कि सरकार ने इन निवेशकों से ढाई फीसदी ब्याज पर वैसे ही 50 हजार करोड़ रुपये जुटा लिए हैं। इतनी रकम बाजार से सात फीसदी की दर पर लेती तो सरकार को भारी नुकसान होता।