1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Republic Day 2023: 26 जनवरी को ही क्यों मनाते हैं गणतंत्र दिवस, जानिए क्या है इतिहास और महत्व

Republic Day 2023: 26 जनवरी को पूरा देश हर्षोल्लास के साथ गणतंत्र दिवस मनाता है। इस साल हम अपना 73वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं। बहुत से लोग होंगे जिन्हें ये मालूम नहीं होगी कि आखिर गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता हैं।

2 min read
Google source verification
Republic Day 2023

Republic Day 2023

Republic Day 2023: देशभर में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस बड़ी धूम से मनाया जाता है। भारत इस साल अपना 73वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। देश की राजधानी दिल्ली सहित देश के हर कोने में तैयारियां की जा रही हैं। स्कूल-कॉलेजों में इस दिन आयोजित होने वाले प्रोगाम के लिए बच्चे तैयारियों में जुट जाते हैं। इन सबके बीच क्या कभी आपके दिल में ये सवाल उठा है कि आखिर गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता हैं। तो आइए जानते हैं।


भारत को साल 1947 में ही अंग्रेजों से स्वतंत्रता मिल गई थी, लेकिन तीन साल के बाद 26 जनवरी, 1950 में भारत में संविधान लागू हुआ। इसलिए हर साल 26 जनवरी को देशभर में बड़ी धूमधाम से गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान की मसौदा समिति की अध्यक्षता की थी। 26 जनवरी 1950 को सुबह 10.18 बजे भारत एक गणतंत्र बना। इसके छह मिनट बाद डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी।

यह भी पढ़ें- रिपब्लिक डेः दिल्ली में बंद रहेंगे कई रास्ते और मेट्रो स्टेशन, 25-26 जनवरी के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी


भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। संविधान सभा ने अपना काम 9 दिसंबर 1946 से शुरू किया। इसको तैयार करने में 2 साल, 11 माह, 18 दिन लग गए थे। संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान लागू किया गया था, इसलिए 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में हर साल मनाया जाता है।


बता दें कि गणतंत्र दिवस स्वतंत्र भारत की भावना का प्रतीक है। 26 जनवरी, 1930 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज की घोषणा की थी। यह दिन भारतीय जनता को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी सरकार चुनने की शक्ति की भी याद दिलाता है। देश में इस दिन राष्ट्रीय अवकाश भी होता है। हर वर्ष इस दिन राष्ट्रपति तिरंगा झंडा फहराते हैं और 21 तोपों की सलामी दी जाती है।