
माता-पिता शोबा और एसए चन्द्रशेखर के साथ विजय
SA Chandrasekhar on Vijay Win: तमिल सिनेमा के दिग्गज निर्देशक एस.ए. चंद्रशेखर (एसएसी) का जीवन एक अनोखी कहानी है- पिता की महत्वाकांक्षा, बेटे की स्वतंत्रता और अंत में गर्व भरी सुलह की। जब उनकी बेटे अभिनेता विजय की पार्टी तमिलागा वेट्ट्री कझगम (टीवीके) ने 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया, तो चंद्रशेखर ने बेटे के अकेले लड़ने के फैसले की खुलकर तारीफ की।
चंद्रशेखर का जन्म 2 जुलाई 1945 को रामेश्वरम के थंगाचिमदम में हुआ। उन्होंने 1978 में 'अवल ओरु पचई कुजांथई' से निर्देशन की शुरुआत की। 1981 में विजयकांत के साथ 'सत्तम ओरु इरुट्टराई' ने उन्हें मशहूर बना दिया। यह फिल्म सामाजिक न्याय, गरीबों की लड़ाई और सिस्टम के खिलाफ संघर्ष की थी। फिल्म का रीमेक हिंदी में 'अंधा कानून' बना, जिसमें अमिताभ बच्चन भी आए। चंद्रशेखर ने विजयकांत के साथ कई हिट फिल्में दीं, जिनमें 'साची', 'राजादुराई' और 'वेट्री' शामिल हैं। उन्होंने शंकर, एम. राजेश और पोनराम जैसे निर्देशकों को असिस्टेंट के रूप में ट्रेनिंग दी।
1990 के दशक में चंद्रशेखर ने अपने बेटे जोसेफ विजय चंद्रशेखर को स्टार बनाने का बीड़ा उठाया। विजय ने बचपन में पिता की फिल्मों में काम किया था। 1992 में 18 साल की उम्र में विजय को 'नालैया थीरपु' से हीरो के रूप में लॉन्च किया। फिल्म फ्लॉप रही, लेकिन चंद्रशेखर ने हार नहीं मानी। उन्होंने 'सेंथूरापांडी', 'रसिगन', 'विष्णु' और 'देवा' जैसी फिल्मों से बेटे को लगातार स्क्रीन पर बनाए रखा। धीरे-धीरे विजय 'थलापति' बन गए।
लेकिन रिश्ते में टूट आई। 2009 में विजय के फैन क्लब को 'मक्कल इयक्कम' बनाया गया, जो बाद में राजनीतिक रंग लेने लगा। 2020 में चंद्रशेखर ने बिना बेटे को बताए 'ऑल इंडिया थलापति विजय मक्कल इयक्कम' नाम से पार्टी रजिस्टर कर ली। विजय ने सार्वजनिक रूप से इसे खारिज कर दिया और पिता-मां समेत 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया। पिता-पुत्र के बीच संवाद बंद हो गया। समय के साथ घाव भरने लगे। 2023 में चंद्रशेखर ने कहा कि रिश्ते में उतार-चढ़ाव तो होते रहते हैं, लेकिन वे सुलझ गए हैं। उन्होंने 'वरिसु' फिल्म परिवार के साथ देखी।
2026 के चुनाव में पूर्ण चक्र पूरा हुआ। टीवीके ने बिना किसी गठबंधन के अकेले लड़कर 108 सीटें हासिल कीं। चंद्रशेखर ने इसे ऐतिहासिक जीत बताया। उन्होंने कहा, मैं बेटे पर गर्व करता हूं। उसने अकेले लड़ने का साहसी फैसला लिया और जीत हासिल की। उन्होंने कांग्रेस जैसे दलों को टीवीके से हाथ मिलाने का सुझाव भी दिया। पत्नी शोभा के साथ भावुक पल बिताते हुए परिवार ने इस सफलता का जश्न मनाया।
Updated on:
06 May 2026 03:12 pm
Published on:
06 May 2026 03:11 pm
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