20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Good News before Chhath Puja: छठ महापर्व पर बिहार राज्यकर्मियों के लिए गुड न्यूज, 14 दिन पहले ही मिल जाएगी सैलरी

Good News for Bihar State Employees: बिहार सरकार ने यह फैसला लिया है कि वह अपने कर्मचारियों को छठ महापर्व से पहले सैलरी का भुगतान कर देगी। इस फैसले से राज्य के 9.5 लाख कर्मचारियों के चेहरे खिल उठे।

2 min read
Google source verification
chhath_puja.jpg

Salary before Chhat Puja: बिहार में 9.5 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर है। इन सभी कर्मचारियों के बैंक अकाउंट में छठ महापर्व से पहले ही वेतन डिपॉजिट कर दिया जाएगा। बिहार राज्य सरकार ने प्राकृतिक पर्व छठ में लोगों की आस्था को देखते हुए यह फैसला लिया है कि 16 नवंबर से पहले ही सभी कर्मचारियों के वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा। राज्य सरकार के वित्त विभाग ने इस संबंध आदेश पत्र जारी कर दिया गया है।

इस महीने में कई त्योहार बिहार

वित्त विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि इस आदेश के तहत राज्य के सरकारी कर्मचारियों को नवंबर महीने का वेतन छठ महापर्व से पूर्व यानी 16 नवंबर तक मिल जाएगा। इस खबर के सुनते ही राज्य के कर्मचारियों के चेहरों पर मुस्कुराहट तैर गई। अब उन्हें नवंबर महीने के वेतन के लिए महीने के आखिरी तारीख का इंतजार नहीं करना होगा। अब उन्हें इस महीने करीब दो हफ्ते पहले ही वेतन मिल जाएगा।

राज्य के वित्त विभाग ने राज्यपाल के प्रधान सचिव, विधानमंडल के सचिव, हाइकोर्ट के महानिबंधक, सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव या प्रधान सचिव या सचिव, विभागाध्यक्ष, प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी और कोषागार अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया है। इस महीने को त्योहारों का मौसम कहा जाता है। आपको मालूम हो कि नवंबर महीने में दिवाली, छठ, गोवर्धन पूजा, भैया दूज, चित्रगुप्त पूजा जैसे कई और भी पर्व मनाए जाएंगे। त्योहार के मौसम में राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश सरकार का यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है।

पिछले महीने भी 15 दिन पहले मिली थी सैलरी

यहां यह बताना जरूरी होगा कि बिहार में पिछले महीने यानी अक्टूबर माह में भी 15 दिन पहले ही सभी राज्य कर्मचारियों की सैलरी डिपॉजिट करा दी गई थी। जाहिर है कि सरकार के इस फैसले का लाभ राज्य के सभी कर्मचारियों को मिलेगा।

यह भी पढ़ें- Job satisfaction List: जॉब के मामले में भारत क्यों काफी पीछे, स्विट्जरलैंड क्यों है टॉप पर?