
Sanjay Raut Allegations: शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत, जिन्होंने राज्य चुनावों को संयुक्त राष्ट्र (UN) की निगरानी में कराने की मांग की।
Sanjay Raut Allegations on Election Commission: शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने देश की चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि भारत में चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं हो रहे, बल्कि उन्हें 'मैनिपुलेट, हाईजैक, दबाव में और यहां तक कि हैक' कराया जा रहा है। राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकतंत्र संबंधी दावों पर सवाल उठाते हुए संयुक्त राष्ट्र से भारत में चुनावों की निगरानी की मांग भी की।
मीडिया से बातचीत में राउत ने कहा कि देश में चुनावों की निष्पक्षता खत्म होती जा रही है। उन्होंने कहा कि बिहार और महाराष्ट्र समेत देश में कहीं भी निष्पक्ष चुनाव नहीं हो रहे हैं। उनके अनुसार, पहले जहां बूथ कैप्चरिंग जैसे तरीके इस्तेमाल होते थे, अब नए तरीकों से चुनाव प्रभावित किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पैसे, सत्ता और मतदाता सूची में कथित हेरफेर के जरिए चुनावों को प्रभावित किया जा रहा है।
राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के सत्ता में आने के बाद से एक भी चुनाव निष्पक्ष नहीं हुआ है चाहे वह पंचायत, नगर निगम या लोकसभा चुनाव हो। उन्होंने बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
राउत ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह संस्था अब निष्पक्ष नहीं रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पर राजनीतिक प्रभाव है और यह स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रहा।
राउत ने आगे कहा कि चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट, न्यायपालिका और भाजपा में अब कोई फर्क नहीं रह गया है और ये सभी एक जैसे हो गए हैं, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
पश्चिम बंगाल के संदर्भ में राउत ने स्थिति को 'अघोषित आपातकाल' जैसा बताया है। उन्होंने कहा कि 24 घंटे के भीतर मुख्य सचिव, अतिरिक्त महानिदेशक (ADG), उप महानिरीक्षक (DIG), जिलाधिकारी समेत 100 से अधिक अधिकारियों के तबादले किए जा रहे हैं और ऐसे लोगों को लाया जा रहा है जो निष्पक्ष नहीं हैं।
उन्होंने इस स्थिति को 'गैंगवार जैसी' बताते हुए कहा कि यह मुंबई के दाऊद इब्राहिम के अंडरवर्ल्ड की तरह है, जिसे भाजपा द्वारा बंगाल में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा किसी भी कीमत पर राज्य में जीत हासिल करना चाहती है।
राउत ने प्रधानमंत्री मोदी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि पश्चिम बंगाल में बड़े स्तर पर अधिकारियों के तबादले किए जा रहे हैं, तो यही प्रक्रिया गुजरात और असम में भी लागू की जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि अगर चुनाव वास्तव में निष्पक्ष हों, तो भाजपा गुजरात में भी हार सकती है।
राउत ने यह भी आरोप लगाया कि असम में स्थिति और भी गंभीर है और वहां चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता पर सवाल उठते रहे हैं।
राउत ने अपने बयान में शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर हुए राजनीतिक घटनाक्रमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को तोड़ दिया गया और बालासाहेब ठाकरे तथा उद्धव ठाकरे की पार्टी को अन्य लोगों को सौंप दिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि शरद पवार के जीवित रहते हुए उनकी पार्टी का नियंत्रण अजित पवार को दिया गया, जिसे उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला कदम बताया है।
राउत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भारत में चुनावी प्रक्रिया को देखना चाहिए। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से अपील की कि वह भारत में चुनावों की निगरानी करे, ताकि लोकतंत्र की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
Published on:
21 Mar 2026 04:22 pm
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