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SEBI: IPO में इन्वेस्ट करने से पहले जान लें ये खबर, सेबी नियमों में करने जा रहा ये बड़ा बदलाव

SEBI: पूंजी बाजार नियामक सेबी एसएमई आईपीओ की निगरानी करने वाले निSEBI: पूंजी बाजार नियामक सेबी एसएमई आईपीओ की निगरानी करने वाले नियमों को कड़ा करने जा रही है। यह फैसला निवेशकों के हित होंगे। यमों को कड़ा करने जा रही है। यह फैसला निवेशकों के हित होंगे।

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SEBI: छोटे और मझोले उद्यमों (एसएमई) के आईपीओ के लेकर निवेशकों में उन्माद है। वर्ष 2024 में अब तक लॉन्च 180 से अधिक एसएमई आईपीओ का औसत सब्सक्रिप्शन 200 गुना से भी अधिक है, जबकि मेनबोर्ड के आईपीओ का औसत सब्सक्रिप्शन 48 गुना है। एसएमई के आईपीओ के पीछे निवेशकों के पागलपन की वजह ग्रे मार्केट में जबरदस्त प्रीमियम और लिस्टिंग के दिन मिलने वाला मोटा मुनाफा है। हालांकि, इस साल लॉन्च 50 प्रतिशत से अधिक एसएमई आईपीओ ने लिस्टिंड के दिन तगड़ा मुनाफा देने के बाद निवेशकों को भयंकर नुकसान कराया है और इनके शेयर लिस्टिंग डे के शेयर प्राइस से अभी 73 प्रतिशत तक नीचे ट्रेड कर रहे हैं। प्राइमडेटा बेस के आंकड़ों के मुताबिक, 22 एसएमई आईपीओ अभी अपने लिस्टिंग डे प्राइस से 30 प्रतिशत से लेकर 73 प्रतिशत तक गिर चुके हैं।

एसएमई आईपीओ लिस्टिंग डे गेन लिस्टिंग के बाद आई गिरावट

वार्या क्रिएशंस 80.8 प्रतिशत - 72.65 प्रतिशत
यूफोरिया इंफोटेक 81.6 प्रतिशत - 58.5 प्रतिशत
मेडिकामेन ऑर्गेनिक्स 326 प्रतिशत - 53.8 प्रतिशत
साई स्वामी मेटल्स 99.5 प्रतिशत - 52.4 प्रतिशत
डीमरोल टेक 62.6 प्रतिशत - 46.1 प्रतिशत
डिवाइन पावर 281 प्रतिशत - 42.9 प्रतिशत
कोराफाइन ज्वैलरी 42.9 प्रतिशत - 41.5 प्रतिशत
टीजीआईएफ एग्री 53.2 प्रतिशत - 41.1 प्रतिशत
बावेजा स्टूडियो -3.42 प्रतिशत - 52.3 प्रतिशत

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केवल लिस्टंग गेन के लिए कर रहे निवेश

प्राइमडेटा बेस के मुताबिक, इस साल ल़ॉन्च करीब 20 प्रतिशत एसएमई आईपीओ अपने इश्यू प्राइस से नीचे कारोबार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लिस्टिंग के बाद एसएमई स्टॉक्स में आई तेज गिरावट की असली वजह स्पेकुलेटिव इन्वेस्टर्स यानी शेयर में हेर-फेर करने वाले निवेशकों की अधिक संख्या है। साथ ही एसएमई आईपीओ बाजार में लॉन्ग टर्म के लिए निवेश करने वाले निवेशकों की कमी है। निवेशक इन स्टॉक्स से जल्दी एग्जिट कर रहे हैं। फाल्कन कैपिटल के प्रियम शाह ने कहा, निवेशकों को पता है कि इन कंपनियों का फंडामेंटल कमजोर होने के बावजूद वैल्यूएशन काफी अधिक है। निवेशक केवल लिस्टंग गेन के लिए इनमें निवेश कर रहे हैं। हालांकि कई अच्छी एसएमई कंपनियां भी हैं, लेकिन ज्यादातर निवेशक उनकी ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

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सख्ती के मूड में सेबी

बाजार नियामक सेबी एसएमई कंपनियों के आईपीओ से जुड़े नियमों में सख्ती के प्रस्तावों पर काम कर रहा है। सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अश्वनी भाटिया ने कहा, निवेशकों के बीच एसएमई आईपीओ के प्रति उन्माद और इस क्षेत्र में भारी उल्लंघन और धोखाधड़ी की गतिविधियों के कई उदाहरण मिलने के कारण ऐसा किया जा रहा है। सेबी इस पर परामर्श पत्र जल्द जारी करने की तैयारी में है। रिपोर्ट के मुताबिक, सेबी एसएमई कंपनियों के लिए डिस्क्लोजर की जरूरतों, पात्रता शर्तों, क्यूआईबी और एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से और अंकेक्षण से संबंधित जांच आदि को लेकर नियम बना सकता है। इन बदलावों में बेहतर निगरानी और लेखा परीक्षकों के मोर्चे पर कड़ी जांच शामिल हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि सीए अपना काम लगन से करें तो समस्याओं से बचा जा सकता है।

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