
Sheena Bora Murder Case: शीना बोरा मर्डरकेस की गिनती देश की चर्चित हाईप्रोफाइल मर्डरकेसों में की जाती है। इस केस में आज सुप्रीम कोर्ट ने इंद्राणी मुखर्जी को जमानत दे दी है। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब 6.5 साल से जेल में बंद इंद्राणी मुखर्जी के बाहर निकलने का रास्ता साफ हो गया है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 6.5 साल का वक्त लंबा होता है। यह पूरा मामला सिर्फ परिस्थितिजन्य सबूतों पर टिका है। लगता है कि ट्रायल जल्द खत्म नहीं होगा। हमारा विचार है कि लंबा समय जेल में बिताने पर वो जमानत की हकदार हैं। ऐसे में हम उन्हें सशर्त जमानत देते हैं।
बताते चले कि शीना बोरा मर्डर केस 10 साल पहले सामने आया था। तब इस केस ने हर किसी को हैरान कर दिया था। मुंबई की हाई प्रोफाइल सोसाइटी में ऑनर किलिंग का यह शायद पहला मामला था। इस केस में इतनी ज्यादा उलझनें थी कि सीबीआई तक को जांच करना पड़ा था। हाई प्रोफाइल सोसाइटी में नाजायज रिश्ते को लेकर हुई हत्या मामले में अभी तक जितनी बातें सार्वजनिक हो सकी वो इसे कोई सस्पेंस थ्रिलर फिल्म जैसा बनाती है। इस केस में मां (इंद्राणी मुखर्जी) को अपनी बेटी (शीना बोरा) का कत्ल इसलिए करना पड़ा क्योंकि बेटी जिस लड़के से प्यार करती थी वो रिश्ते में उसका सौतेला भाई लगता था। आईए सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं इस कहानी में कब क्या हुआ।
दो मई 2012- महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के जंगल में एक लड़की की अधजली लाश मिली, लोगों की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने की कोशिश की, लेकिन पहचान नहीं होने पर सैंपल लेकर फॉरेंसिक रिपोर्ट के लिए भेज दी। लाश का अंतिम संस्कार कर दिया।
21 अगस्त 2015- मुंबई पुलिस ने अवैध रूप से हथियार रखने के मामले में इंद्राणी मुखर्जी के ड्राइवर 43 वर्षीय श्याम मनोहर राय को गिरफ्तार किया। पूछताछ में तो श्याम मनोहर राय ने 2012 में हुई एक हत्या में शामिल होने की बात को स्वीकार की।
ड्राइवर के बयान पर जांच शुरू-
श्याम मनोहर राय ने पुलिस को बताया कि अप्रैल 2012 में एक लड़की की हत्या करने के बाद उसने शव को रायगढ़ के जंगलों में जलाने की कोशिश की और फिर अधजली लाश को दफनाकर वहां से निकल आया। उसके बयान पर पुलिस जांच में जुटी। उसके बताए स्थान पर खुदाई में एक महिला की लाश के कुछ अवशेष मिले।
केस में हुई मुखर्जी फैमली की इंट्री-
ड्राइवर ने बताया कि वह पीटर मुखर्जी की पत्नी इंद्राणी मुखर्जी का ड्राइवर था। इंद्राणी के कहने पर ही उसने उनकी बेटी शीना बोरा को गला दबाकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं किसी को इस बारे में पता ना चले इसलिए लाश रायगढ़ के जंगल में दफना दिया। इस खुलासे के बाद मुंबई पुलिस ने इंद्राणी मुखर्जी को मुंबई में उसके घर से गिरफ्तार किया।
पहले इंकार फिर कबूली हत्या की बात-
गिरफ्तारी के बाद शुरुआती दिनों में इंद्राणी मुखर्जी अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करती रही। वह यह भी कह रही थी कि शीना उसकी बहन है और तीन साल से अमेरिका में रह रही है। लेकिन मुंबई पुलिस ने जब श्याम मनोहर राय और उसका सामना कराया तो वो बेटी की हत्या करने की बात कबूल कर ली।
चलती कार में गला दबाकर शीना की हत्या-
जांच में यह बात सामने आई कि इंद्राणी और शीना के बीच संबंध अच्छे नहीं थे। शीना इंद्राणी के पहले पति की संतान थी। जिसका बाद में अपने सौतले भाई से संबंध बन गया था। यह बात भी सामने आई कि शीना इंद्राणी से मुंबई में एक फ्लैट की मांग कर रही थी। जिसके बाद इंद्राणी ने शीना को मारने के लिए अपने ड्राइवर के साथ साजिश रची। 2 मई 2012 में इंद्राणी ने शीना को बांद्रा में मिलने के लिए बुलाया। फिर उसे कार में बैठाया। कार में ड्राइवर श्याम राय के अलावा एक शख्स और था। इसके बाद कार में ही शीना की गला दबा कर हत्या कर दी गई।
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100 किलोमीटर जंगल में छिपाया शव-
शीना की हत्या के बाद इंद्राणी के कहने पर ड्राइवर मनोहर राय लाश को मुंबई से 100 किलोमीटर दूर रायगढ़ के जंगल में लेकर पहुंचा। पहले तो उसने जलाने की कोशिश की, लेकिन फिर बाद में उसे दफना दिया। इस मामले में पुलिस ने इंद्राणी के पति पीटर मुखर्जी और बेटे राहुल से भी पूछताछ की। बाद में पीटर को गिरफ्तार भी किया। हालांकि अब उन्हें जमानत मिल चुकी है। बता दें कि पीटर मुखर्जी भारतीय टीवी इंड्रस्टी का जाना पहचाना नाम है।
Published on:
18 May 2022, 1:02 PM IST
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