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कोयला खदान में बड़ा हादसा: छह मजदूरों की मौत, चार की हालत गंभीर

नागालैंड के वोखा जिले में एक कोयला खदान में दुर्घटना के बाद छह श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए।

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नागालैंड के वोखा जिले में एक "रैट-होल" कोयला खदान में बड़ा हादसा हो गया। कोयला खदान के अंदर कथित तौर पर आग लगने से पड़ोसी राज्य असम के कम से कम छह श्रमिकों की मौत हो गई और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने कहा कि घटना गुरुवार दोपहर को एक आंतरिक गांव रिसायन में हुई, लेकिन यह शाम को सामने आई। एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि खदान ढहने से सभी 10 मजदूरों की फंसकर मौत हो गई। सूत्रों ने बताया कि गंभीर रूप से झुलसे चार लोगों को बचा लिया गया। वोखा जिला प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

असम के सोनितपुर जिले के है पीड़ित

सूत्रों ने कहा कि पीड़ित असम के सोनितपुर जिले के थे। आदिवासी राज्य नागालैंड में कोयला खदानें अवैध नहीं हैं और सरकार को ग्रामीणों और समुदाय के स्वामित्व वाली भूमि पर खनन का कोई अधिकार नहीं है। लेकिन राज्य के अधिकारियों ने कहा कि खनिकों ने सुरक्षा मापदंडों का पालन नहीं किया जिसके कारण यह त्रासदी हुई।

क्‍या है रैट-होल खदानें

रैट-होल खदानों में श्रमिक फावड़े और अन्य उपकरणों का उपयोग करके जमीन खोदते है। वे सचमुच सुरंग के अंदर रेंगते हैं, जिससे उन्हें रैट-होल नाम मिला है। मेघालय में इसी तरह के 'रैट होल' खनन पर 2014 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के पूर्ण प्रतिबंध का आदेश दिए जाने तक इसी तरह की कई दुर्घटनाएँ हुईं। लेकिन राज्य सरकार ने कहा कि वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर और आजीविका के रूप में सुरक्षा मापदंडों का पालन करके राज्य में खनन जल्द ही शुरू किया जाएगा। मेघालय की बड़ी आबादी इस पर निर्भर है। नागालैंड में भी खदानों के लिए सख्त नियम बनाने की जोरदार मांग उठ रही है।

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