18 जुलाई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को जबरदस्ती हटाया गया’, पुलिस कार्रवाई पर अभिजीत दीपके ने किया दावा

CJP Protest: अभिजीत दीपके ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से जबरन हटाया और उनके साथ सख्ती की। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताया।
2 min read
Google source verification
CJP Protect

सोनम वांगचुक को लेकर अभिजीत दीपके का बड़ा दावा (Patrika Graphics)

Sonam Wangchuk Hunger Strike: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को लेकर शनिवार सुबह बड़ा घटनाक्रम सामने आया। शिक्षाविद (Educationist) और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने धरना स्थल से हटा दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि सोनम वांगचुक को जबरदस्ती धरना स्थल से हटाया गया और पुलिस ने उनके साथ सख्ती की।

अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर लगाए आरोप

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उनके साथ भी मारपीट की और बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताया और आंदोलनकारियों के साथ किए गए व्यवहार पर सवाल खड़े किए।

20 दिनों से हंगर स्ट्राइक पर थे सोनम वांगचुक

सोनम वांगचुक पिछले करीब 20 दिनों से जंतर-मंतर पर हंगर स्ट्राइक कर रहे थे। वह अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए आंदोलन कर रहे थे। शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस की टीम धरना स्थल पर पहुंची और उन्हें वहां से हटाकर अस्पताल ले गई।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जंतर-मंतर पर मौजूद सीजेपी के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और कार्रवाई को गलत बताया। कुछ समय के लिए धरना स्थल पर तनावपूर्ण स्थिति भी देखने को मिली।

हाईकोर्ट की सुनवाई से पहले हुई पुलिस कार्रवाई

सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार खराब होने की खबरों के बीच दिल्ली हाईकोर्ट में उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर सुनवाई होनी थी। इससे ठीक पहले पुलिस की यह कार्रवाई सामने आई। दो दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर चिंता व्यक्त की थी। अदालत ने प्रशासन को निर्देश दिया था कि उनके स्वास्थ्य की नियमित रूप से क्लीनिकल जांच कराई जाए और उनकी मेडिकल स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए।

लोकतांत्रिक आवाज दबाने की कोशिश-अभिजीत दीपके

अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान जबरन हटाया गया। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के साथ पुलिस का रवैया उचित नहीं था। सीजेपी कार्यकर्ताओं ने भी इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखने का अधिकार हर नागरिक को है। फिलहाल सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर जानकारी सामने आने का इंतजार है। वहीं, पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। इस पूरे मामले पर आगे की स्थिति हाईकोर्ट की सुनवाई और प्रशासन के अगले कदम पर निर्भर करेगी।