
Sonam Wangchuk Delhi High Court : आज दोपहर 2:30 बजे: सोनम वांगचुक की पत्नी की याचिका पर दिल्ली HC में अहम सुनवाई (फोटो सोर्स:@LawBeatInd)
Delhi High Court Hearing Today: जलवायु कार्यकर्ता और लद्दाख की स्वायत्तता के लिए अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक का मामला अब एक बेहद संवेदनशील कानूनी मोड़ ले चुका है। वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उनके पति को सफदरजंग अस्पताल से किसी अन्य जगह शिफ्ट करने की इजाजत नहीं दी गई थी। आज सोमवार (20 जुलाई) दोपहर 2:30 बजे हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच इस बेहद अहम याचिका पर सुनवाई करने जा रही है, जो यह तय करेगी कि एक नागरिक को अपनी मर्जी का इलाज चुनने का हक है या नहीं।
इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ (Bench) ने याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग को स्वीकार कर लिया है। अदालत इस पूरे घटनाक्रम पर आज दोपहर ठीक 2:30 बजे सुनवाई करने के लिए सहमत हो गई है, जिसे इस मामले का टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।
डॉ. गीतांजलि आंग्मो का साफ तौर पर कहना है कि जब सोनम वांगचुक के खिलाफ कोई आधिकारिक गिरफ्तारी या हिरासत का आदेश नहीं है, तो उन्हें किसी सरकारी अस्पताल में जबरन रोककर क्यों रखा गया है?
याचिका में कोर्ट के सामने कई गंभीर तर्क रखे गए हैं:
शारीरिक ऑटोनॉमी का उल्लंघन: सिंगल जज का पिछला आदेश असल में वांगचुक और उनके परिवार को अपनी पसंद का अस्पताल चुनने के बुनियादी अधिकार से वंचित करता है।
सहमति की अनदेखी: चिकित्सा की भाषा में 'इनफॉर्म्ड कंसेंट' (पूरी जानकारी के साथ सहमति) का नियम सर्वोपरि है। मरीज की मर्जी के बिना उसे किसी खास जगह इलाज के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
मौलिक अधिकारों पर चोट: याचिका में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (आर्टिकल 21) के तहत मिलने वाले 'जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार' का सीधा उल्लंघन होने की बात कही गई है।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची (Sixth Schedule) में शामिल करने और पर्यावरण की रक्षा की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत हैं। लेह से दिल्ली तक की उनकी पदयात्रा ने पूरे देश का ध्यान खींचा था।
अब सबकी नजरें दोपहर 2:30 बजे होने वाली मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि एक आंदोलनकारी के स्वास्थ्य की कमान प्रशासन के हाथ में रहेगी या खुद उनके परिवार के पास।
Updated on:
20 Jul 2026 11:41 am
Published on:
20 Jul 2026 11:20 am
