
Supreme Court Judges Property: सुप्रीम कोर्ट ने अपने 33 में से 21 जजों की संपत्ति का विवरण सार्वजनिक कर दिया है, जिनमें मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) संजीव खन्ना भी शामिल हैं। जजों ने अपने और अपने परिवार के फ्लैट/मकान, पैतृक संपत्ति, कृषि भूमि, बैंक खाते, गहने जैसी तमाम बातों की जानकारी सार्वजनिक की है। शीर्ष कोर्ट ने बताया कि शेष जजों के संपत्ति विवरण उसकी वेबसाइट पर तब अपलोड किए जाएंगे जब उनके घोषणापत्र प्राप्त हो जाएंगे। यह निर्णय कोर्ट ने 1 अप्रैल को लिया था कि सुप्रीम कोर्ट के जजों की संपत्ति सार्वजनिक की जाएगी। कोर्ट ने 9 नवंबर 2022 से 10 नवंबर 2024 के बीच उच्च न्यायपालिका में हुई नियुक्तियों की प्रक्रिया भी सार्वजनिक कर दी।
सीजेआई संजीव खन्ना के पास बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट में 55.7 लाख रुपये हैं और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में 1.06 करोड़ रुपये और जीपीएफ में 1.77 करोड़ रुपये जमा हैं। इसके अलावा 250 ग्राम सोना और 5 किलो चांदी भी है। उनके पास दिल्ली के एक साउथ दिल्ली इलाके में तीन बेडरूम का फ्लैट, कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज में चार बेडरूम का फ्लैट और गुरुग्राम में एक अपार्टमेंट में 56% हिस्सेदारी है।
जस्टिस बीआर गवई 14 मई को भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश बनने वाले हैं, उन्होंने महाराष्ट्र के अमरावती में अपने पिता से विरासत में मिला घर घोषित किया है। उनके पास मुंबई के बांद्रा इलाके और दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी में फ्लैट हैं, साथ ही अमरावती और नागपुर जिलों में कृषि भूमि भी है। उन्होंने लगभग 1.3 करोड़ रुपये की देनदारियां भी घोषित की हैं।
जस्टिस सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट में तीसरे सबसे वरिष्ठ जज हैं। उन्होंने अपनी पत्नी के साथ चंडीगढ़, पंचकूला, दिल्ली और गुरुग्राम में आवासीय संपत्तियां घोषित की हैं। उन्होंने 6.03 करोड़ रुपये की 31 फिक्स्ड डिपॉजिट रसीदें भी अपने निवेश के रूप में दर्ज की हैं। 3.74 करोड़ जीपीएफ है। 100 ग्राम सोना और 3 महंगी घड़ियां हैं। इसके अलावा उनके पास एक किलो सोना और 6 किलो चांदी भी है।
जस्टिस अभय ओका ने ठाणे में अपनी पत्नी के साथ एक फ्लैट, और पंचपाखड़ी क्षेत्र में एक अन्य परिसर की जानकारी दी है। उनके पास पीपीएफ में 92.3 लाख, एफडी में 21.7 लाख और बैंक खाते में 9.1 लाख रुपये हैं।
जस्टिस विक्रम नाथ के पास नोएडा में दो बेडरूम का अपार्टमेंट है, साथ ही प्रयागराज में पुश्तैनी बंगला और कौशांबी जिले में 12 एकड़ से अधिक कृषि भूमि है। उन्होंने 1.5 करोड़ रुपये का निवेश भी घोषित किया है।
जिन जजों की संपत्ति का ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है, वे हैं— जस्टिस बीवी नागरत्ना, जेके माहेश्वरी, दीपांकर दत्ता, अहसानुद्दीन अमानुल्ला, मनोज मिश्रा, अरविंद कुमार, पीके मिश्रा, एससी शर्मा, पीबी वराले, एन कोटिश्वर सिंह, आर महादेवन और जॉयमल्या बागची।
Published on:
06 May 2025 10:12 am
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