
supreme court says to gov help Orphan children immediately pm cares
नई दिल्ली। करीब डेढ़ साल से अधिक समय से भारत कोरोना महामारी से जूझ रहा है। इस दौरान देश में कई लोगों की मौत हो गई, वहीं परिजनों की मौत के बाद कई बच्चों तो बिल्कुल अनाथ हो गए। इन बच्चों के भविष्य को लेकर सुप्रीम कोर्ट चिंतित है। इसके चलते ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिए हैं कि कोरोना में अनाथ हुए बच्चों को पीएम केयर फंड से तत्काल मदद मुहैया कराई जाए।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि कोविड-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों को पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन स्कीम के तहत राहत तुरंत पहुंचनी चाहिए। कोर्ट का कहना है कि 29 मई को शुरू हुई इस योजना के तहत 4848 आवेदनों की सूची में से सिर्फ 1719 लाभार्थियों को ही लाभ मिल पाया है।
केंद्र और राज्यों को सौंपी जिम्मेदारी
बता दे कि सुप्रीम कोर्ट ने एनसीपीसीआर को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सड़क पर रह रहे बच्चों के पुनर्विस्थापन को लेकर सुझाव देने को कहा है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने राज्यों को निर्देश दिया है कि सड़क पर रह रहे बच्चों की तत्काल पहचान की जाए। वहीं उनका डेटा एनसीपीसीआर को उपलब्ध कराया जाए, जिससे इन बच्चों की मदद कर उनका भविष्य सुधारा जा सके।
30 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
कोर्ट ने डीएम और डीसी जैसे अधिकारियों को ऐसे बच्चों की शैक्षणिक स्थिति का पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी है, जिनको पीएम केयर फंड के तहत लाभ दिया जा सकता है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट कोरोना के चलते अनाथ हुए बच्चों के भविष्य सुधारने का स्वत: संज्ञान लिया था, जिसको लेकर कोर्ट ने आज राज्यों और अधिकारियों को ये जिम्मेदारी सौंपी है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी।
यह भी पढ़ें: अब सूर्यास्त के बाद भी हो सकेगा पोस्टमार्टम
क्या है पीएम केयर फंड
कोरोना की मुश्किल समय में आपात स्थितियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और राहत कोष (पीएम केयर्स फंड) के नाम से एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट बनाया गया था। इस कोष में दान करने के लिए देश-विदेश में रह रहे भारतीयों से अपील की गई थी। ये कोष प्राकृतिक आपदा या किसी अन्य संकट की स्थिति के दौरान प्रभावित लोगों की आर्थिक मदद के लिए बनाया गया था।
Published on:
15 Nov 2021 09:53 pm
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
