
सुप्रीम कोर्ट (Photo - ANI)
त्योहारों और छुट्टियों के दौरान हवाई टिकटों के दाम अचानक बढऩे के मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सख्त टिप्पणी की है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने एयरलाइन्स (Airlines) को फटकार लगाते हुए कहा कि अगर एयरलाइन्स तय नियमों का पालन नहीं कर रही हैं तो उनकी उड़ानें रोक दी जाएं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यात्रियों के हित में व्यवस्था तो बनाई गई है, लेकिन उसके पालन और नियमन को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।
मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल कौशिक ने बताया कि हवाई किराए और शुल्क से जुड़े नए नियम बनाने की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। उन्होंने कोर्ट को सीलबंद लिफाफे में नियमों का मसौदा भी सौंपा। केंद्र ने नियमों को अंतिम रूप देने के लिए तीन हफ्ते का समय मांगा है।
किराए पर लगाम को लेकर उठे सवालों के बारे में याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नागरिक उड्डयन मंत्री ने संसद में कहा है कि सरकार हवाई किराए पर कोई सीमा तय नहीं कर सकती। याचिकाकर्ता का आरोप है कि एयरलाइन्स जिस तरह से यात्रियों से किराया वसूल रही हैं, उसके लिए बनाए गए आधिकारिक नियमों का प्रभावी तरीके से पालन नहीं हो रहा है। इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मी नारायणन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में निजी एयरलाइन्स पर मनमाने तरीके से किराया तय करने और अलग-अलग अतिरिक्त शुल्क वसूलने का आरोप लगाया गया है। याचिका में हवाई किराए को पारदर्शी बनाने और यात्रियों के हितों की रक्षा के लिए मजबूत नियामक व्यवस्था बनाने की मांग की गई है।
यह पहला मौका नहीं है जब सुप्रीम कोर्ट ने एयरलाइन्स के हवाई किराए में बढ़ोत्तरी करने पर नाराज़गी जताई है। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने त्योहारों और बड़े आयोजनों के दौरान हवाई किराए में अचानक होने वाली बढ़ोतरी को यात्रियों का शोषण बताया था।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की ओर से मांगा गया तीन हफ्ते का समय स्वीकार कर लिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी। कोर्ट के सामने केंद्र की तरफ से नए नियमों का अंतिम रूप रखा जाएगा।
Updated on:
18 Aug 2026 02:53 am
Published on:
18 Aug 2026 02:46 am
