
Surgical Strike : नई दिल्ली। पाकिस्तान समर्थित आतंकियों द्वारा किए जाने वाले हमलों की हमेशा कड़ी निंदा करने वाले भारत ने आज से ठीक पांच वर्ष पूर्व पहली बार पाक में घुसकर आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था। आज ही के दिन यानी 28 सितंबर 2016 की आधी रात, जब एशिया महाद्वीप के अधिकतर लोग सो रहे थे, भारतीय कमांडो पाकिस्तान की सीमा में घुसे। इन कमांडोज ने महज चार घंटे में ही दुश्मन देश की सीमा में मौजूद आतंकी ट्रेनिंग कैम्पों को पूरी तरह से खत्म कर दिया। इस पूरी कार्यवाही को ऑपरेशन ‘बंदर’ का नाम दिया गया था।
ऐसे दिया गया ऑपरेशन को अंजाम
भारतीय सेना द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार भारतीय सेना के 150 कमांडोज को MI 17 हेलीकॉप्टर्स से एलओसी पर उतारा गया। ये कमांडोज नाइट विजन डिवाइसेज, अत्याधुनिक राइफल, ग्रेनेड्स और कैमरे युक्त हेलमेट से लैस थे। जल्दी ही यह पाक सीमा में 3 किलोमीटर अंदर तक घुस गए और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद केल, लीपा, हॉटस्प्रिंग, भिंबर आदि सेक्टर में ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए हमला किया और वहां मौजूद आतंकियों के सभी लॉन्च पैड्स को तबाह कर दिया।
इस सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान लगभग 38 आतंकी तथा 2 पाकिस्तान सैनिक मारे गए। ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा कर सेना के कमांडो सुबह 4.30 बजे तक भारतीय सीमा में वापिस आ चुके थे। इस ऑपरेशन में भारत को कोई नुकसान नहीं उठाना पड़ा। ऑपरेशन की कामयाबी के बाद भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक की सफलता की घोषणा करते हुए देश और दुनिया को बता दिया कि भारत अब आतंकी हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा वरन हर हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
क्यों किया गया था हमला?
भारत ने यह सर्जिकल स्ट्राइक क्यों की थी, यह जानने के लिए हमें 18 सितंबर 2016 को हुए आतंकी हमले को याद करना होगा। 18 सितंबर को रात में अंधेरे का फायदा उठाते हुए पाक समर्थित जैश-ए-मोहम्मद के आंतकियों ने जम्मू कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के हैडक्वार्टर पर कायराना हमला कर 19 जवानों की हत्या कर दी थी। इस दौरान आतंकियों ने तीन मिनट में 17 ग्रेनेड का प्रयोग किया और ताबड़तोड़ फायरिंग की। इसके बाद भारतीय सेना और आतंकियों के बीच छह घंटे तक मुठभेड़ चली जिसमें देश के 19 जवान शहीद हो गए और 20 से अधिक जवान घायल हो गए थे हालांकि हमले में शामिल सभी आतंकी मुठभेड़ में मारे गए।
इस आतंकी हमले के कारण जहां देश को जवानों के शहीद होने का दुख था वहीं दुश्मन को सबक देने की एक आग भी दिलों में भड़क चुकी थी। आतंकी संगठनों को सबक सिखाने के लिए ही भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तत्कालीन सेना प्रमुखों तथा अन्य प्रमुख अधिकारियों से बात कर सर्जिकल स्ट्राइक की रूपरेखा तैयार कर इसे अंजाम दिया। इस सर्जिकल स्ट्राइक पर "उरी" फिल्म भी बन चुकी है।
Published on:
29 Sept 2021 08:34 am
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