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तमिलनाडु में एआईएडीएमके को एक और बड़ा झटका, तीन विधायकों के बाद अब पूर्व विधायक ने छोड़ी पार्टी

AIADMK: तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर हलचल देखने को मिली है। एआईएडीएमके के पूर्व विधायक वीएनपी वेंकटरमन ने अब डीएमके का दामन थाम लिया है। इससे पहले तीन विधायकों ने भी पार्टी छोड़ दी थी।

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Tamil Nadu Politics

एआईएडीएमके, एडप्पाडी के. पलानीस्वामी(फोटो-ANI)

AIADMK EX MLA Leave Party: तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। एआईएडीएमके के पूर्व विधायक वीएनपी वेंकटरमन ने पार्टी छोड़कर डीएमके का दामन थाम लिया है। चेन्नई स्थित डीएमके मुख्यालय में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की मौजूदगी में वीएनपी वेंकटरमन ने पार्टी की सदस्यता ली। वेंकटरमन पहले अलंदूर विधानसभा सीट से एआईएडीएमके के विधायक रह चुके हैं। अब वो डीएमके के साथ आ गए हैं। आपको बता दें कि इस चुनाव में डीएमके को हार है सामना करना पड़ा था।

पार्टी छोड़ने की क्या रही वजह


पिछले कुछ समय से एआईएडीएमके के भीतर अंदरूनी मतभेद और खींचतान की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। हालांकि पार्टी के बड़े नेता इन बातों को खुलकर स्वीकार नहीं कर रहे, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज है कि पार्टी के भीतर सब ठीक नहीं है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पार्टी के अंदर सब ठीक नहीं होने के सवाल पर पार्टी के वरिष्ठ नेता एसपी वेलुमणि ने मीडिया पर निशाना साधा और कहा कि कुछ खबरों के जरिए पार्टी की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। वेलुमणि ने भरोसा जताया कि एआईएडीएमके पहले भी मुश्किल दौर से निकल चुकी है और आगे भी मजबूती से खड़ी रहेगी।

दो दिन पहले ही 3 विधायकों ने छोड़ी पार्टी


आपको बता दें कि दो दिन पहले ही एआईएडीएमके के तीन विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा देकर सियासी हलचल बढ़ा दी थी। मदुरंथकम से विधायक एम कुमारवेल, धारापुरम से सत्यभामा और पेरुंदुरई सीट से जयकुमार ने तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया था। उसके बाद तीनों नेताओं ने सीएम विजय की पार्टी टीवीके ज्वाइन कर लिया था। दरअसल, ये वही विधायक हैं जिन्होंने सीएम विजयके फ्लोर टेस्ट के दौरान पार्टी लाइन से हटकर वोटिंग की थी। एआईएडीएमके ने जहां सरकार के खिलाफ रुख अपनाया था, वहीं इन तीनों नेताओं ने मुख्यमंत्री विजय की सरकार के समर्थन में मतदान किया। उस समय से ही पार्टी के भीतर इनके भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे थे।

विधायक टूटने पर पार्टी ने क्या कहा था?

तीन विधायकों के इस्तीफे के बाद एआईएडीएमके पार्टी के जनरल सेक्रेटरी एडप्पाडी के. पलानीस्वामी(EPS) का बयान भी सामने आया था। उन्होंने कहा था कि पार्टी ने जनता की सेवा के लिए कई 'पीठ में छुरा घोंपने' और 'विश्वासघात' का सामना किया है। इस बार के विधानसभा चुनाव में AIADMK तीसरे नंबर रही। पार्टी को सिर्फ 47 सीटें ही हासिल हुई हैं।