
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (Photo - IANS)
Tamil Nadu Assembly Election 2026: तमिलनाडु के आगामी विधानसभा चुनाव की हलचल के बीच दोनों ही द्रविड़ दल पूरी तरह सीट बंटवारे का समीकरण सेट नहीं कर पाए हैं। एक ओर एआईएडीएमके महासचिव के. पलनीस्वामी ने साफ किया है कि भाजपा और अन्य सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे की घोषणा चार दिन में कर दी जाएगी। दूसरी तरफ विधानसभा चुनाव की तारीख घोषित किए जाने के बावजूद डीएमके और उसके सहयोगी दलों के बीच सीटों को लेकर खींचतान जारी है। भाजपा ने भी संकेत दिया है कि वह इस बार कम से कम 30 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और दक्षिणी जिलों पर विशेष ध्यान देगी।
पलनीस्वामी ने कहा कि सीट बंटवारे को मैत्रीपूर्ण तरीके से सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने टीवीके के साथ गठबंधन की अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि एनडीए में किसी नए दल के जुड़ने की संभावना नहीं है। भाजपा ने भी अपनी रणनीति साफ कर दी है कि वह दक्षिणी जिलों, खासकर कन्याकुमारी, कोयंबत्तूर और चेन्नई पर फोकस करेगी। पार्टी ने लगभग 75 सीटें चिन्हित की हैं, अंततः 30 से 35 सीटों पर समझौता करने की संभावना जताई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि सीटों की संख्या से अधिक उनका लक्ष्य स्ट्राइक रेट बढ़ाना और डीएमके सरकार को हटाना है। इसी सिलसिले में सहयोगी दलों के दो नेताओं- पीएमके के अन्बुमणि रामदास और एएमएमके नेता टीटीवी दिनकरण ने भी दिल्ली के लिए उड़ान भरी है।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके और उसके सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर गतिरोध बना हुआ है। सीपीएम ने 2021 में लड़ी गई छह सीटों से कम पर समझौता करने से इनकार कर दिया है। चेतावनी दी है कि मांग न मानी गई तो पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने वीसीके नेता तिरुमावलवन से मुलाकात कर उनसे एक सीट छोड़ने का अनुरोध किया ताकि सीपीएम को दी जा सके। वहीं, एमएनएम को दो सीटें दी गई हैं, लेकिन पार्टी अपने ‘टॉर्चलाइट’ चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ने की मांग पर अड़ी है। कांग्रेस की अधिक सीटों की मांग भी गठबंधन में असंतोष का कारण बनी हुई है।
आपको बता दें कि चुनाव आयोग की तरफ से घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 एक चरण मेंं होगा। यहां मतदान 23 अप्रैल को होगा, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को होगी।
Published on:
21 Mar 2026 07:09 am
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