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तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले में 110 कुत्तों को जहरीला इंजेक्शन लगा कर मार डाला, केस दर्ज

तमिलनाडु के बाद तेलंगाना में 110 आवारा कुत्तों को कथित तौर पर जहरीला इंजेक्शन देकर मारने का मामला सामने आया है। याचरम गांव में सरपंच समेत तीन लोगों पर पशु क्रूरता कानून के तहत केस दर्ज किया गया है।

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stray dogs

Representative image (Photo/ANI)

तमिलनाडु में 500 कुत्तों को मारने की घटना के बाद अब तेलंगाना में भी 110 आवारा कुत्तों को जहरीला इंजेक्शन लगाकर मार डालने का मामला सामने आया है। पुलिस ने रंगा रेड्डी जिले के याचरम गांव के सरपंच, वार्ड सदस्य और गांव सचिव के विरुद्ध केस दर्ज किया है।

एनिमल क्रुएल्टी प्रिवेंशन संस्था की मुड़ावत प्रीति ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है। एक कॉल रिकार्ड के जरिए दावा किया गया है कि कुत्तों को सामूहिक रूप से एनेस्थीसिया के इंजेक्शन दिए गए जिससे उनकी मौत हो गई।

बताते चले कि स्थानीय पंचायत चुनाव में कई उम्मीदवारों ने वादा किया है कि वे कुत्ता मुक्त गांव बनाएंगे। आरोप है कि इसी के तहत कुत्तों को जहर देकर मारने की योजना बनाई गई। इसके तहत शायमपेट, अरेपल्ली और पलवांचा क्षेत्र में 110 कुत्तों के शव अब तक बरामद किए गए हैं।

कानूनी स्थिति और पशु क्रूरता

भारत में आवारा कुत्तों को मारना भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 428 और 429 (अब भारतीय न्याय संहिता के तहत) और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत दंडनीय अपराध है।

सुप्रीम कोर्ट और लागू एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियमों के अनुसार, स्थानीय निकाय केवल नसबंदी (ABC Program) और टीकाकरण कर सकते हैं। उन्हें न तो कुत्तों को मारने और न ही बिना कानूनी प्रक्रिया के कहीं और छोड़ने का अधिकार प्राप्त है।