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Budget 2022: निवेशकों, कंपनियों और आम आदमी के लिए बजट 2022 में क्या रहा अच्छा और क्या बुरा

बजट में कोई बड़ी गुड न्यूज भी नहीं है, परंतु आगामी केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) की घोषणा ने सभी का ध्यान खींचा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि आरबीआई वित वर्ष 2022-23 में अपनी डिजिटल करेंसी लॉन्च करेगा।

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Mahima Pandey

Feb 02, 2022

The good, bad ugly of Budget for investors, companies and common man

The good, bad ugly of Budget for investors, companies and common man

मंगलवार को बजट पेश कर दिया गया। इस बजट में मौजूद आयकर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है जिससे आम आदमी और कुछ अन्य वर्ग निराश हुए हैं। हालांकि, ये एक ऐसा कदम है जो आगे चलकर अर्थव्यवस्था को बूस्ट करेगा। बजट में कुछ ऐसी चीजें भी शामिल हैं जो भारत के निवेशकों, कंपनियों और आम आदमी के लिए भी किसी गुड न्यूज से कम नहीं है। तो चलिए समझते हैं कैसे


Digital Currency: बजट में कोई बड़ी गुड न्यूज भी नहीं है, परंतु आगामी केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) की घोषणा ने सभी का ध्यान खींचा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि आरबीआई वित वर्ष 2022-23 में अपनी डिजिटल करेंसी लॉन्च करेगा।

Long Term Capital Gain के सरचार्ज में बदलाव : इसके साथ ही लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन ((LTCG) टैक्स पर लगने वाले सरचार्ज की अधिकतम सीमा 15 फ़ीसदी तय कर दी है। ये नियम सभी तरह की संपत्ति पर लागू होगा। अब तक, यह केवल लिस्टिड इक्विटी शेयरों और इक्विटी-उन्मुख फंड की इकाइयों पर लागू होता था।

Tax on Crypto Income:
क्रिप्टो निवेशकों के लिए बुरी खबर यह है कि अब वर्चुअल डिजिटल एसेट से होने वाली आय पर उन्हें 30 फीसदी टैक्स देना होगा। इसके साथ ही वर्चुअल डिजिटल एसेट के ट्रांजैक्शन पर 1 फीसदी की दर से टीडीएस कटेगा।

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Startups के लिए Tax से छूट की समय सीमा बढ़ी:
31 मार्च, 2023 तक ऐसे निगमित स्टार्ट-अप्स दस साल के संचालन की कुल समय सीमा में तीन साल की अवधि के लिए लिए गए लाभ पर 100% कर छूट प्राप्त करने के पात्र होंगे। हालांकि, इसपर कुछ शर्तें लागू हैं जिसके तहत किसी भी वित्तीय वर्ष में उनका कुल वार्षिक कारोबार 25 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए।

नव-निगणित विनिर्माण कंपनियों को प्रोत्साहन: घरेलू कंपनियों के लिए वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी कारोबारी परिवेश कायम करने के लिए 15 फीसदी कर की रियायती कर व्यवस्था लागू की गई थी। अब विनिर्माण या उत्पादन के आरंभ करने की तिथि को एक वर्ष अर्थात 31 मार्च 2023 से 31 मार्च 2024 तक बढ़ा दिया गया है।

इलेक्‍ट्रॉनिक वस्‍तुओं का निर्माण को बढ़ावा: देश में ज्‍यादा वृद्धि दर वाले इलेक्‍ट्रॉनिक वस्‍तुओं का निर्माण करने के लिए मोबाइल फोन के चार्जर के ट्रांसफॉर्मर के कलपुर्जों और मोबाइल कैमरा मॉड्यूल के कैमरा लेंस और कुछ अन्‍य वस्‍तुओं पर शुल्‍क में छूट दी जाएगी।


रत्‍न व आभूषण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए तराशे एवं पॉलिश किए गए हीरों और रत्‍न पत्‍थरों पर सीमा शुल्‍क घटाकर 5 प्रतिशत किया जा रहा है; केवल तराशे गए हीरे पर कुछ भी सीमा शुल्‍क नहीं लगेगा।

कम मूल्‍य वाले इमिटेशन आभूषण का आयात हतोत्‍साहित करने के लिए इमिटेशन आभूषण के आयात पर प्रति किलो कम-से-कम 400 रुपये का सीमा शुल्‍क लगाया जाएगा।

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ITR फाइलिंग:
करदाता को टैक्स रिटर्न को अपडेट करने और अतिरिक्त टैक्स, यदि कोई हो, का भुगतान करने के 3 वर्ष का समय दिया जाएगा। अगर करदाता देर से या संशोधित रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा से चूक जाते हैं तो उन्हें समय दिया जाएगा।

पेनल्टी शुल्क: हालांकि, बुरा ये है कि अतिरिक्त आय पर लगने वाले टैक्स और ब्याज पर 25% से 50% का पेनल्टी देना होगा

कोरोना के मरीजों के लिए राहत: बजट में उन लोगों को राहत दी गई है जिन्हें कोविड 19 के इलाज पर खर्च के लिए पैसे मिले हैं। इसके अलावा किसी व्यक्ति की मौत पर परिवार के सदस्यों को मिलने वाले पैसे पर परिवार के सदस्यों के लिए 10 लाख तक की छूट दी गई है।

एनपीएस में बढ़ोतरी: राज्य सरकार के कर्मचारियों के एनपीएस खाते में नियोक्ता के योगदान पर कर कटौती की सीमा को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने का प्रस्ताव।

इससे राज्य सरकार के कर्मचारियों को केन्द्रीय कर्मचारियों के समान सुविधा प्रदान करने में मदद मिलेगी।