
PM Modi and JP Nadda chairs the BJP CEC meeting
संसद (Parliament) का मानसून सत्र (Monsoon Session) 21 जुलाई से शुरू होने वाला है। सत्र की शुरुआत से पहले नए भाजपा अध्यक्ष (BJP President) के नाम का ऐलान हो सकता है। अगले हफ्ते से पार्टी की कवायद तेज हो जाएगी। 10 राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष जल्द ही चुन लिए जाएंगे। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) का कार्यकाल जून 2024 में खत्म हो चुका है। वह एक्सटेंशन पर हैं। नड्डा भाजपा अध्यक्ष होने के साथ-साथ मोदी सरकार में मंत्री भी हैं। एक व्यक्ति एक पद के कारण भाजपा जल्द नया अध्यक्ष चुनने की तैयारी में जुटी है।
अगस्त महीने में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर हलचल शुरू हो जाएगी। बीजेपी बिहार चुनाव में जाने से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनना चाहेगी, क्योंकि चुनाव के दौरान विपक्ष के नैरेटिव को ध्वस्त किया जा सके। पार्टी के नेताओं के मुताबिक, दस प्रदेश अध्यक्षों के नाम का ऐलान नहीं हुआ है। इस पर तीव्र गति से काम चल रहा है। माना जा रहा है कि 21 जून तक कई प्रदेशों में नए प्रदेश अध्यक्ष चुन लिए जाएंगे। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
ये नाम हैं रेस में आगे
इनके तीनों के अलावे तमिलनाडु से आने वाली वानति श्रीनिवासन, तमिलिसाई सौंदर्यराजन और आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम व TDP संस्थापक एन.टी. रामाराव (NTR) की बेटी डी. पुरंदेश्वरी का नाम भी भाजपा अध्यक्ष पद के लिए चल रहा है। तीनों महिलाएं दक्षिण से आती हैं। पार्टी दक्षिण में अपनी पैठ बनाने में जुटी हुई हैं।
भाजपा के संविधान के मुताबिक बीजेपी के अध्यक्ष पद का कार्यकाल तीन साल का होता है। एक व्यक्ति दो बार से अधिक पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बन सकता है। पार्टी के नए अध्यक्ष के सामने 12 अहम चुनाव हैं। साल 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव। 2026 में, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम। 2027 में, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर, पंजाब, राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी को जीत दिलाने की जिम्मेदारी होगी।
बीजेपी के संविधान के मुताबिक पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष वही व्यक्ति बन सकता है, जो कम से कम 15 वर्षों तक पार्टी का सदस्य रहा हो। राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव निर्वाचक मडंल करता है। जिसमें राष्ट्रीय परिषद के सदस्य और प्रदेशों के सदस्य शामिल हैं। निर्वाचक मंडल में से कोई बीस सदस्य राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति के नाम का संयुक्त रूप से प्रस्ताव पेश कर सकते हैं।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले जिला संगठनों के चुनाव, प्रदेश संगठन और राष्ट्रीय परिषद के चुनाव होते हैं। संगठनात्मक दृष्टि से बीजेपी ने भारत को 36 राज्यों में बांट रखा है। आधे से ज्यााद राज्यों के संगठन के चुनाव हो जाने के बाद ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होता है।
Updated on:
12 Jun 2025 09:40 am
Published on:
12 Jun 2025 09:38 am
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