
ईरान-अमेरका युद्ध रुकने से भारत होगा फायदा (Photo-IANS)
US–Iran Ceasefire: इजरायल-अमेरिका और ईरान के युद्ध ने पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट खड़ा कर दिया था। हालांकि अब दोनों देशों के बीच दो हफ्ते का सीजफायर हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात का ऐलान किया है। बताया जा रहा है कि अमेरिका ने ईरान की 10 मांगों पर अपनी सहमति जताई है, जिसके बाद सीजफायर हुआ है।
युद्ध के कारण ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया। इसके बाद पूरे विश्व में तेल आपूर्ति बाधित हो गई। लेकिन अब दोनों देशों के बीच सीजफायर होने के बाद दुनिया भर के देशों के लिए राहत है। इस युद्धविराम का भारत पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
बता दें कि कि युद्ध के कारण भारत में ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई। ऊर्जा संकट के कारण भारत की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। युद्धविराम और जलडमरूमध्य के फिर से खुलने से भारत के लिए बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि युद्ध शुरू होने के बाद पिछले 39 दिनों में भारत को केवल लगभग आठ जहाज ही मिल पाए हैं।
दरअसल, इस युद्ध का असर भारतीयों की जान पर भी पड़ा है, क्योंकि पिछले साढ़े पांच हफ्तों में आठ भारतीयों की मौत हो चुकी है, जिनमें तीन नाविक भी शामिल हैं।
हालांकि, 7 लाख से अधिक भारतीय उड़ानों के जरिए वापस अपने देश लौट पाए हैं, जिनमें लगभग 1,800 लोग ईरान से आए हैं, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में भारतीयों की सुरक्षा को लेकर दिल्ली की चिंता काफी अधिक थी। आखिरकार, इस क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते हैं और वे भारत को भेजी जाने वाली कुल रेमिटेंस का लगभग 40% योगदान देते हैं।
फिलहाल, युद्ध रुकने से तेल सप्लाई सामान्य होगी और कीमतें स्थिर रहेंगी, जिससे महंगाई पर भी नियंत्रण रहेगा।
सीजफायर होने के बाद ईरान ने ऐलान किया कि दो हफ्ते के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए समुद्री आवाजाही चालू रहेगी। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि मैं, ईरान की ओर से, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल मुनीर का धन्यवाद करता हूं। उन्होंने इस क्षेत्र में युद्ध खत्म कराने के लिए बहुत मेहनत की है। अगर ईरान पर हमले बंद हो जाते हैं, तो हमारी सेना भी अपनी जवाबी (रक्षात्मक) कार्रवाई रोक देगी।
अगले दो हफ्तों तक, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों का सुरक्षित आना-जाना संभव होगा, जो ईरानी सेना के समन्वय और तकनीकी स्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
Updated on:
08 Apr 2026 09:16 am
Published on:
08 Apr 2026 09:16 am
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